पठानकोट का नैरोगेज स्टेशन, जो चार साल पहले चक्की पुल टूटने के कारण बंद हो गया था, अब फिर से चालू हो गया है। ‘पहाड़ों की रानी’ ट्रेन एक बार फिर पटरी पर दौड़ती दिखेगी, जिससे सैलानी पठानकोट से हिमाचल के जोगिंदर नगर तक यात्रा का आनंद ले सकेंगे। हालांकि, इस ट्रेन सेवा के फिर से शुरू होने से पठानकोट के स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।चार साल पहले जब रेलवे पुल टूटा था, तब शहर में ट्रैफिक पुलिस को यातायात संभालने में काफी आसानी हुई थी। अब ट्रेनें शुरू होने के साथ ही पठानकोट में स्थित करीब सात रेलवे फाटक एक ही समय पर बंद होंगे। इससे शहर की रफ्तार थम जाएगी और यातायात व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा। स्थानीय लोग इस संभावित समस्या को लेकर चिंतित हैं।स्थानीय लोगों ने इस संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ट्रेन सेवा का बहाल होना खुशी की बात है, लेकिन इससे शहर की आवाजाही ठप हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इन सात रेलवे फाटकों से हर समय लोग गुजरते हैं, और इन्हीं रास्तों से एम्बुलेंस भी मरीजों को लेकर आती-जाती हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे स्टेशन को मामून में स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली परेशानियों का समाधान हो सके।


