राजीव कुमार | छतरपुर पलामू जिला का छतरपुर और नौडीहा बाजार जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है। बीस वर्षों में पत्थरों के अवैध उत्खनन से पहाड़ों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। प्रशिक्षु आईएफएस और वन कर्मियों पर जान लेवा हमला होने के बाद पहाड़ों का निरीक्षण करते हुए पत्थर माफियाओं को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को वन अधिकारी और अंचलाधिकारी अभियान चलाते हुए मुरूमदाग, हुटुकदाग,करमा,चराई, बसडीहा, बरडीहा क्षेत्र के वन भूमि और गैर मजरूआ भूमि पर हुए अवैध उत्खनन का ड्रोन से सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया है। वन अधिकारियों के द्वारा निरंतर कार्रवाई करने के बावजूद पत्थर माफियाओं पर खौफ नहीं है। वन क्षेत्र से पत्थर उत्खनन कर ट्रैक्टर से परिवहन किया जा रहा है। बुधवार को वन कर्मियों ने एक ट्रैक्टर पकड़ा था। शुक्रवार को जांच करने गई टीम ने भी एक ट्रैक्टर को पकड़ा। वन विभाग द्वारा दोनों ट्रैक्टर मालिक और पत्थर माफियाओं के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। वन कर्मियों पर जान लेवा हमला के बाद डीएफओ सत्यम कुमार ने पत्थर माफिया पर कार्रवाई करने का आदेश दिया।


