तिंवरी के पांचला में रविवार को जलभराव की समस्या का जायजा लेने विभिन्न विभागों के अधिकारी पहुंचे। टीम में जलदाय विभाग के सहायक अभियंता ललित सोनी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विनोद बिश्नोई और पंचायत राज विभाग के सहायक अभियंता गिरिराज किशोर नागला शामिल थे। महादेवनगर प्रशासक करनाराम, पांचला खुर्द के ओमप्रकाश जाणी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। निरीक्षण में पाया गया कि कई घरों में पानी घुस गया है। सड़कें और रास्ते टूटने से बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हो रही है। खेतों में भरा पानी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। घरों में गंदे पानी के भराव से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने समस्या के स्थाई समाधान के लिए कई सुझाव दिए। रवलाई नाड़ी में स्थाई डेम या झील बनाने की मांग की, जिससे खेतों का अतिरिक्त पानी वहां जमा हो सके। सीसी सड़कों से जुड़े कच्चे रास्तों को खुला रखने की बात कही, ताकि पानी की निकासी बाधित न हो। महादेव सरोवर की कमजोर पाल की मरम्मत और भीलों की ढाणियों के पास अस्थाई नहर बनाने का प्रस्ताव रखा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि निरीक्षण रिपोर्ट उपखंड अधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई कर समस्या का स्थाई समाधान निकाला जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में हर साल जलभराव से उनकी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाती है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो जाती हैं, बच्चों का पढ़ाई के लिए स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है और गंदे पानी से स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार सिर्फ अस्थाई इंतजाम नहीं, बल्कि स्थाई योजना बनाना जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस समस्या से राहत मिल सके।


