बलरामपुर में जमीन खरीदी का सौदा कर चार डिसमिल जमीन के बजाय वृद्ध से 32 डिसमिल की रजिस्ट्री करा लेने के मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में दस्तावेज लेखक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामला बलरामपुर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अलखडीहा निवासी बोलो सिंह के द्वारा 25 अप्रैल 2025 को बलरामपुर एसपी के समक्ष शिकायत की गई थी कि उसकी ग्राम अलखडीहा तहसील बलरामपुर में स्थित भूमि खसरा नंबर 132 में से पांच डिसमिल जमीन का सौदा किया गया था। बोलो सिंह की कुल 0.300 हेक्टेयर भूमि स्थित है। रजिस्ट्री के दौरान चार लोगों ने मिलकर तीन लाख रुपए में 32 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री करा ली। जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर
शिकायतकर्ता बोलो सिंह ने बताया कि उसकी जमीन की रजिस्ट्री तारा देवी पति काशीनाथ तिवारी के नाम पर की गई। उसे 21 अप्रैल को दस्तावेज लेखक कृष्णकांत तिवारी, सुनील सिंह, केशर यादव के द्वारा अस्पताल आने के दौरान उप पंजीयक कार्यालय ले जाया गया जहां पांच डिसमिल जमीन के बजाय 32 डिसमिल की रजिस्ट्री करा ली। मामले में जमीन दलाल दीपक शर्मा, अरविंद विंडो सहयोगी हैं। मामले में पुलिस ने जांच के बाद चार आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 62, 3(5) भादवि का अपराध दर्ज किया। चारों आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने मामले में आरोपी शशिकांत तिवारी निवासी अंबिकापुर, सुनील सिंह व अरविंद किंडो निवासी बलरामपुर, दीपक शर्मा निवासी सेमली, बलरामपुर को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। आरोपियों से रजिस्ट्री का मूल दस्तावेज जब्त किया गया है।


