जालंधर| बॉर्डर इलाकों में आई भयानक बाढ़ ने हज़ारों परिवारों को बेघर कर दिया था। सरहद से लगे गांव खोखर, अजनाला, दयाल भट्टी, डेरा बाबा नानक और चोंतरां जैसे इलाकों में लोग आज भी टूटे-फूटे घरों में या रिश्तेदारों के यहां पनाह लेकर रहने को मजबूर हैं। सरकारी मदद का इंतजार करते-करते कई पीड़ित थक चुके हैं। इसी दौरान सिख सेवक सोसायटी इंटरनेशनल ने मानवता की सेवा का एक शानदार उदाहरण पेश किया है। चेयरमैन रजिंदर सिंह पुरेवाल (यूके) और मुख्य जत्थेदार परमिंदर पाल सिंह खालसा की अगुवाई में एक वफद ने इन गांवों का दौरा किया। इस मौके पर 5 बाढ़ पीड़ित मेहनतकश परिवारों के मकान पूरी तरह से दोबारा बनाकर देने का ऐलान किया। वफद के साथ गए बिल्डर हरदेव सिंह गरचा ने मौके पर ही प्रत्येक मकान का अनुमान लगाया और बताया कि एक पक्का मकान बनाने में लगभग पांच लाख रुपये का खर्च आएगा। इस दौरे के मौके पर साहिब सिंह, संदीप सिंह चावला, हरिभजन सिंह बैंस, कमलजीत सिंह जमशेर, गुरप्रीत सिंह राजू, अरिंदरजीत सिंह चड्ढा के अलावा पीड़ित परिवार मौजूद थे।


