लगभग 13 दिनों से कोडरमा नगर पंचायत में जलापूर्ति बाधित है। इससे पूरे नगर पंचायत में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा है। पेयजल के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हर दिन पानी पर हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। इस समस्या से गरीब तबके के लोगों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। बताया जाता है कि पाइपलाइन टूटने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है। लेकिन लापरवाही के कारण समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सका। यह विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। जानकारी के बावजूद अधिकारी मामले में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। मालूम हो कि नगर पंचायत का इलाका जिला मुख्यालय में है और यहां करीब 15 हजार से ऊपर की आबादी निवास करती है। यहां कुल 15 वार्ड हैं। सूचना अधिकार मंच के आरके बसंत ने बताया कि नगर पंचायत के अधिकांश कुएं में खारा पानी है जो पीने के लायक नहीं है। लिहाजा अधिकतम आबादी जलापूर्ति पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि पूरे नगर पंचायत में लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे है। लगातार इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी विभाग इससे पल्ला झाड़ रखा है और लोगों को पीने के पानी से भी वंचित कर रखा है। विभाग से पता करने पर हमेशा कहा जाता है कि फोरलेन निर्माण में जलापूर्ति पाइप तोड़ देने एवं पाइप शिफ्टिंग के कारण आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि पानी का बिल लेने को कोडरमा नगर पंचायत तत्पर है तो आपूर्ति की जवाबदेही क्यों नहीं लेता। बसंत ने इस विषय से उपायुक्त एवं कार्यपालक अभियंता, जल एवं स्वच्छता विभाग से पेयजल व्यवस्था निर्बाध रुप से सुनिश्चित करने की मांग की है। आज से होगी जलापूर्ति : ईई वहीं विभाग के कार्यपालक अभियंता अनुज कुमार ने बताया कि उरवां के समीप पाइप लाइन टूट गया था। जिसकी मरम्मत कर ली गई है। शनिवार से जलापूर्ति शुरु हो जाएगी।


