सुधीर सिंह| पाटन विभागीय लापरवाही के कारण पाटन प्रखंड अंतर्गत 27 सरकारी विद्यालयों में बच्चों का मध्याह्न भोजन डेढ़ महीने से बंद है। जिसके कारण सरकारी स्कूल के बच्चें पोषाहार युक्त भोजन से वंचित रह जा रहे हैं। सरकारी स्कूल के बच्चें घर से लंच लेकर स्कूल आने को मजबूर हैं। इस पर ना ही विभाग ध्यान दे रहा और ना ही लोकल जनप्रतिनिधि। इस संबंध में बीईओ हरिप्रसाद ठाकुर से पूछे जाने पर उन्होंने संबंधित विद्यालय के सीआरपी को दोषी ठहराया। बीईओ ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बंद है। जांचकर दोषी जो भी होंगे कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को दैनिक भास्कर के संवाददाता के द्वारा प्रखंड के कई विद्यालयों का जायजा लिया गया। जिसमें उप्रावि बनासो के प्रिंसिपल सुधन उरांव ने बताया कि एक सप्ताह से मध्याह्न भोजन बंद है बच्चे घर से भोजन करके स्कूल आते हैं। वहीं रा.उमविद्यालय धंगरडिहा के प्रिंसिपल अनिल राम ने बताया कि हमारे यहां नामांकित बच्चें की संख्या 245 है। पंद्रह दिनों से विद्यालय में एमडीएम बंद है, बच्चें घर से भोजन के लिए मजबूर हैं। इससे पढा़ई भी बाधित हो रही है। विभागीय कर्मी रोज आजकल कर रहे हैं। लेकिन आजतक मध्याह्न भोजन के लिए राशन नहीं मिला। बच्चों की उपस्थिति भी कम हो गई है। वहीं निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एमडीएम बंद रहने के कारण राउमविद्यालय जयपुर के बच्चें घर से लंच लेकर आने को मजबूर हैं। प्रिंसिपल रामलखन राम ने बताया कि नामांकित बच्चों की संख्या 214 है और 24 जनवरी से राशन समाप्त है। विभाग को जानकारी दी गई है। लेकिन अभी तक विद्यालय को राशन उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसके कारण बच्चें पौष्टिक आहार से वंचित हैं। विभाग टालमटोल कर रही है। मुझे जानकारी नहीं. जांच होगी : बीईईओ इधर बीईईओ हरिप्रसाद ठाकुर के द्वारा जानकारी दी गई कि मध्याह्न भोजन बंद रहने की जानकारी मुझे नहीं है। संबंधित सीआरपी पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसा नहीं होना चाहिए।


