पादूकलां कस्बे में गायत्री प्रज्ञापीठ और शांतिकुंज हरिद्वार के देखरेख में चल रहे चार दिवसीय गायत्री संस्कार महोत्सव एवं नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का तीसरा दिन श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान शनिवार शाम दीप महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 1100 दीपक प्रज्ज्वलित किए गए। महायज्ञ का शुभारंभ गायत्री परिवार के प्रांतीय प्रतिनिधि गोपाल स्वामी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया। इसमें 21 जोड़ों ने देव आवाहन, देव पूजन, गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियां अर्पित कीं। श्रद्धालुओं ने लोक कल्याण, आत्मकल्याण, देश-प्रदेश और ग्राम की खुशहाली की कामना की। संस्कार महोत्सव के तहत तीन गर्भवती महिलाओं का पुंसवन संस्कार वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस अवसर पर यज्ञ की खीर का प्रसाद भी वितरित किया गया। समारोह में 21 श्रद्धालुओं ने ‘ज्ञानदूत’ बनने का संकल्प लिया और सद्साहित्य प्राप्त किया। वक्ताओं ने बताया कि यज्ञ और संस्कारों से आत्मा की शुद्धि होती है। इससे संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण होता है, जो सनातन संस्कृति को सशक्त बनाती है। गायत्री प्रज्ञापीठ के व्यवस्थापक सुगनचंद पारीक ने बताया कि दीपों की ज्योति से पूरा पांडाल आलोकित हो उठा। महिला-पुरुष, युवा और बालिकाओं ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन कर देश में सुख-समृद्धि, शांति और विश्वकल्याण की कामना की। यह आयोजन राणा मैरिज गार्डन, मेड़ता सिटी रोड स्थित ग्रामीण बैंक के पास किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली के गोपाल स्वामी, दिनेश फडोलिया, पं. हस्तीमल उपाध्याय, निर्मला पारीक, कृष्णा देवी स्वामी, राधेश्याम, सोहनलाल पारीक, राजूराम गोरा, कानाराम बेरवाल, सुशील भाटी, रामस्वरूप गोरा, गौरीशंकर उपाध्याय और रोहित उपाध्याय सहित कई कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा। इस अवसर पर गायत्री परिवार के वरिष्ठ सदस्य सत्यनारायण पारीक, श्रवणराम जोशी, बोपाराम प्रजापत, सुनील लोरा, जोधाराम बेड़ा, नेनाराम खटकड़, अमराराम प्रजापत, रणवीर सिंह शेखावत, हरिराम माली, मुकेश पारीक, वासुदेव पारीक, गोपाल राजपुरोहित, मूलाराम मेहरिया, इंदावड़, चेनाराम खंदोलिया, श्यामलाल जांगिड़ और कैलाश जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


