हरियाणा के मशहूर पहलवान व भाजपा नेता योगेश्वर दत्त की पत्नी-बेटे की कार का पानीपत में एक्सीडेंट हो गया। उनकी कार बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हालांकि गाड़ी की पेड़ से टक्कर होते ही कार के एयरबैग खुल गए। जिससे दत्त की पत्नी शीतल शर्मा और 7 साल के बेटे की जान बच गई। हादसे के बाद स्थानीय लोग और राहगीर इकट्ठा हो गए। उन्होंने तुरंत शीतल और बेटे को बाहर निकाला। जिसके बाद उन्हें पानीपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस भी हादसे की जांच में जुट गई है। पहलवान दत्त ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनकी पत्नी और बेटा ठीक हैं। हादसे में टूटी दत्त की पत्नी की गाड़ी के 3 PHOTOS… हादसे से जुड़े अहम पॉइंट्स हादसे पर पहलवान दत्त ने क्या कहा..
जैसे ही पत्नी और बेटे के साथ हादसा हुआ तो योगेश्वर दत्त के पास उनके जानने वाले के कॉल्स जाने लगे। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दी। जिसमें योगेश्वर दत्त ने लिखा- आप सभी की दुआओं और भगवान की कृपा से मेरी धर्मपत्नी और बेटा बिल्कुल ठीक हैं। पुलिस ने कहा- हमें जानकारी नहीं
इस बारे में इसराना थाना के एसएचओ महिपाल ने कहा कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। अस्पताल की तरफ से भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। मौके से भी पुलिस को किसी किस्म की सूचना नहीं आई। वह अपने स्तर पर मामले की जांच करेंगे। पहलवान से नेता बने योगेश्वर दत्त की कहानी… सोनीपत में जन्में योगेश्वर, पिता किसान थे
योगेश्वर दत्त का जन्म 2 जुलाई 1982 को हरियाणा के सोनीपत जिले के भैंसवाल कला गांव में हुआ था। वह एक साधारण ग्रामीण परिवार में पले-बढ़े, बचपन से ही उन्हें कुश्ती में दिलचस्पी थी उनके पिता, रामकिशन दत्त एक किसान थे। हरियाणा से ही योगेश्वर ने कुश्ती सीखना शुरू किया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक ट्रेनिंग सोनीपत और आसपास के क्षेत्रों में की, जहां स्थानीय अखाड़ों में वह प्रशिक्षण लेते थे। 2017 में हुई शादी, 7 साल का बेटा है
योगेश्वर की शादी 16 जनवरी 2017 को शीतल शर्मा के साथ हुई थी। शीतल हरियाणा के कांग्रेस नेता जयभगवान शर्मा की बेटी हैं। शादी दिल्ली में हुई थी, और उनके गांव भैंसवाल कलां में भी समारोह आयोजित किए गए थे। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए कई सम्मान प्राप्त कर चुके
योगेश्वर दत्त अपने शानदार कुश्ती करियर में कई सम्मान प्राप्त कर चुके हैं, सबसे पहले 2004 में हरियाणा सरकार ने उनके शुरुआती करियर में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें हरियाणा के मुख्यमंत्री पदक से सम्मानित किया।
2012 में लंदन ओलिंपिक में 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उसी साल हरियाणा सरकार ने उनकी ओलिंपिक जीत का उत्सव मनाते हुए उन्हें 2 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया। 2013 में भारत सरकार ने उनके खेल में निरंतर योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री, देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान, प्रदान किया। कुश्ती के बाद राजनीति में उतरे
योगेश्वर दत्त ने 2019 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन की और हरियाणा की बरौदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि वो ये चुनाव जीत नहीं पाए। इसी सीट पर 2020 में उपचुनाव हुए बीजेपी ने फिर योगेश्वर को अपना प्रत्याशी बनाया लेकिन कांग्रेस के इंदुराज नरवाल ने उन्हें हरा दिया। 2024 में वह टिकट के दावेदार थे लेकिन भाजपा ने उम्मीदवार नहीं बनाया।


