भास्कर न्यूज | राजनगर राजनगर प्रखंड के गम्हरिया पंचायत भवन परिसर में कृषि विज्ञान केंद्र, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी उपस्थित थीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पानी के बिना विकसित कृषि की कल्पना अधूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसानों के लिए बरसाती पानी का संरक्षण, संग्रहण और उपयोग अत्यंत आवश्यक है, ताकि समय पर वर्षा न होने की स्थिति में भी खेती प्रभावित न हो। सांसद ने किसानों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें बीज, उन्नत कृषि उपकरण और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पर्यावरणविद व पद्मश्री सम्मान प्राप्त चामी मुर्मू, जिला परिषद सदस्य सुलेखा हांसदा और प्रभारी मुखिया दुम्बी बारी, कालीपद सोरेन आदि उपस्थित थे। वहीं, कार्यशाला के दौरान कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों, कीट व रोग प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, फव्वारा व ड्रिप सिंचाई, मृदा परीक्षण, बीजोपचार और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि कैसे प्रमाणित बीजों का प्रयोग और समय पर बुवाई उनकी पैदावार को दोगुना कर सकती है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुनीता कांडेयांग ने स्वागत भाषण में कहा कि यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यशाला में डॉ. अमित कुमार, डॉ. विक्टर तिंगयूजम, ब्रह्मदेव कुमार यादव, कालीपद सोरेन, बीटीएम जीतवाहन मुर्मू समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। केंद्र सरकार के कार्यक्रम में जेएमएम का लोगो : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन कार्यक्रम में जेएमएम का लोगो लगा बैनर लगाने से सवाल उठने लगे हैं। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने भी इस पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की योजना के तहत आयोजित किया गया है, तो इसमें जेएमएम का लोगो क्यों लगाया गया।


