भास्कर न्यूज। अमृतसर एडिश्नल कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने जल एवं सीवरेज विभाग की आय की वसूली को लेकर अफसरों संग मीटिंग की। अफसरों ने एडिश्नल कमिश्नर को बताया कि 2024-25 के लिए विभाग का कुल वसूली बजट 15 करोड़ रुपए था और अब तक 4.41 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। कम वसूली का मुख्य कारण कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का अपग्रेड नहीं होना है। शहर में करीब 1 लाख अवैध कनेक्शन का अनुमान है। डिफाल्टरों की पहचान लगातार की जा रही है। वहीं एडिश्नल कमिश्नर ने निर्देश दिया कि वसूली में तेजी लाई जाए। एक्स-ईएन से लेकर एसडीओ तक फील्ड में उतरें और रिकवरी करें। अवैध पानी-सीवरेज की कनेक्शनों की जांच कर डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी तरह की सिफारिश नहीं सुनी जानी चाहिए। यदि ऐसा होता है तो उनकी नोटिस में लाएं। सिफारिश करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि पहले रिकवरी का काम ओएंडएम विभाग करता था। टार्गेट पूरा किया जा सके और डिफाल्टरों पर नकेल कसी जाए इसके लिए सिविल व दूसरे ब्रांचों के जेई-एसडीओ की ड्यूटी भी लगाई गई है। एडिश्नल कमिश्नर ने सख्त हिदायत दी है कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि डिफाल्टर रकम जमा नहीं करा रहे तो नोटिस जारी करें। इसके बाद नियम-अनुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाएं। जिस सुस्त गति से रिकवरी की गई है, अब महज 3 महीने में 11.41 करोड़ रुपए की लेनदारी बची हुई है। यदि यही हाल रहा तो 50% टार्गेट पूरा होते नजर नहीं आ रहा है।


