भास्कर संवाददाता | बंडा कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित श्रीराम कथा का मंगलवार को विश्राम हो गया है। इस अवसर पर कथा व्यास संत राम गोपाल दास जी छोटे मुरारी बापू ने कहा कि समय का मूल्य समझो और हमेशा याद रखें कि पाप करने वाले को अपने पापों का फल भोगना ही पड़ता है। इसलिए हमेशा पाप करने से बचें और जिसके भी साथ रहो उसकी भलाई के लिए हमेशा सोचो। ईश्वर को केवल निष्कपट मन ही अच्छा लगता है। लक्ष्मण जी को मेघनाथ से युद्ध करते हुए जब शक्ति बाण लगने पर मूर्छित हो गए तब राम जी रोने लगते हैं, वे कहते हैं कि संसार में मां-बाप, पत्नी, पैसा, मान सम्मान, वैभव, मित्र तो दोबारा मिल सकते हैं परंतु सगा भाई कभी नहीं मिल सकता, इसलिए हमेशा अपने भाई से स्नेह रखो। सब दुखी हैं परंतु उनकी पत्नी उर्मिला को कोई दुःख नहीं है, पूछने पर वह कहती हैं कि दुःखी तो भैया राम है मेरे पति तो उनकी गोद में सो रहे हैं। सुखेन वैध के बताने पर हनुमान संजीवनी लाये और लक्ष्मण के प्राण बचाए। उन्होंने कहा कि हर घर में एक मुखिया ज़रूर होना चाहिए, जो घर परिवार का पूरा ध्यान रखें और सब उसकी बातों का अनुकरण करें। कथा सुनने मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है इसलिए कथा और सत्संग में एक न एक दिन जरूर जाना चाहिए। रावण वध कर लौटने पर राम का अयोध्या में राज्याभिषेक हुआ। कथा में मुख्य यजमान श्रीमती आयुषी सराफ, आशीष सराफ, हर्ष मिश्रा, कांता बाई सराफ, श्रीमती इंद्रा संतोष सराफ, श्याम सराफ, श्रीकांत सराफ, नन्नू पटेल, श्याम बाबू मिश्रा, साबूलाल साहू, राममनोहर उपाध्याय, बृजेश राय, महेश पांडे सहित भक्त उपस्थित थे।


