कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट बुधवार को जोधपुर पहुचे। जोधपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। जोधपुर से पायलट सड़क मार्ग से बाड़मेर के लिए रवाना हो गए। पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार का मन है कि चुनाव कभी कराएं ही नहीं क्योंकि वे जान चुके हैं कि जनता आक्रोशित है और अपनी भड़ास निकालेगी। सरकार चुनाव टालने के बहाने खोजती रहती है। सरकार में सत्ता के कई केंद्र हो गए हैं। रोज चर्चा रहती है कि सरकार में कब बदलाव होगा, मंत्रीमंडल का पुनर्गठन कब होगा। चलाने वाले लोग दिल्ली की तरफ देखते हैं। वहां से कोई इशारा होता है तो यहां से कार्रवाई होती है। लोगों ने चुना था यहां कि सरकार को, दिल्ली की तरफ क्यों देखना पड़ रहा है बार-बार। जनता की राय से हो जिले की सामा में बदलाव बाड़मेर और बालोतरा जिले की सीमाओं में हो रहे बदलाव को लेकर पायलट ने कहा कि कुछ जिलों की सीमांकन रेखाओं में जो परिवर्तन किए जा रहे हैं, वे प्रशासनिक आवश्यकता से अधिक राजनीतिक द्वंद्व का परिणाम लगते हैं। ये सीमाओं में तोड़फोड़ बिना जनता की राय लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमांकन की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के बजाय, उसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आम जनता में भ्रम और असंतोष बढ़ रहा है। हमारे वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, हम साथ खड़े हैं। अमीर और गरीब के बीच बढ़ रही खाई रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय युवाओं को सौ दिन का रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए थे। आज की स्थिति में देश में अमीर और ज्यादा अमीर होता जा रहा है, जबकि गरीब और ज्यादा गरीब हो रहा है। यह असमानता गलत आर्थिक नीतियों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी सबसे बड़ा संकट है, लेकिन सरकार इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही। मनरेगा को सरकार खत्म करने की ओर सरकार बढ़ रहे हैं। बजट कम किया जा रहा है। पहले निर्णय गांव में लिए जाते थे लेकिन अब इसको लेकर राजधानी में लिए जाएंगे। केंद्रीय एजेंसियों का हो रहा दुरुपयोग बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पायलट ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बंगाल समेत कई राज्यों में विपक्षी नेताओं को डराने, दबाने और बदनाम करने के लिए ईडी की कार्रवाई की जा रही है। पायलट ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है, क्योंकि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके मामलों में सजा की रेट एक फीसदी है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को सड़क से सदन तक उठाएगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।


