राजधानी के सबसे व्यस्ततम पर्यटन स्थल आमेर मावठे में पर्यटकों से वाहन पार्किंग शुल्क के नाम पर खुले आम अवैध वसूली हो रही है। अवैध वसूली इसलिए क्योंकि न तो हेरिटेज निगम ने पार्किंग के टेंडर किए हैं और ना ही निगम के हवामहल-आमेर जोन ने किसी को पार्किंग के लिए अधिकृत किया है। ये अवैध शुल्क भी इतना वसूला जा रहा है कि शहर की किसी पार्किंग में नहीं लिया जाता। यहां कार या उससे बड़ा वाहन खड़ा करते ही चालक को 200 की पर्ची थमा दी जाती है। पर्ची पर साफ लिखा है कि ये शुल्क दो घंटे का है। दो घंटे से ज्यादा समय लगा तो डबल चार्ज देना होगा। यहां एक साथ 100 वाहन खड़े हो सकते हैं। ऐसे में हर 2 घंटे में 20 हजार और दिनभर में करीब 600 गाड़ियों से 1.20 लाख की वसूली हो रही है। बता दें कि इस पार्किंग को पहले पुरातत्व विभाग द्वारा संचालित किया जाता था, जिसे बाद में हेरिटेज निगम के सुपुर्द कर दिया गया। निगम ने इस हवामहल-आमेर जोन को सौंप दी, लेकिन करीब एक साल से पार्किंग का टेंडर नहीं किया गया। इस पार्किंग को कौन संचालित कर रहा है। इसका जवाब न तो जोन अधिकारी दे पा रहे हैं और ना ही हेरिटेज निगम अधिकारी।
सब एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। निगम अनुसार 2 घंटे का चार्ज 50 रु., पार्किंग कौन चला रहा अफसरों को पता नहीं दुपहिया से आमेर पहुंचने वाले को गाड़ी खड़ी करते ही 20 की पर्ची थमा दी जाती है। दो घंटे बीतते ही शुल्क डबल हो जाता है। फिर चाहे वाहन चालक पांच मिनट बाद ही लेट क्यों न आया हो। भास्कर के पास ऐसी एक पर्ची है, जिसमें 12 मिनट लेट आने पर पूरा चार्ज वसूला गया है। अवैध वसूली भी दो तरह की; आमेर मावठा में अवैध पार्किंग चलाने वाले दो तरह की पर्ची इस्तेमाल कर रहे हैं। एक में हवामहल-आमेर जोन द्वारा तय रेट दो घंटे के 50 रुपए लिखा हुआ है तो दूसरी पर्ची पर दो घंटे के 200 रुपए लिखे हैं। अगर पर्यटक दो घंटे के बाद आता है तो उससे 50 रुपए और 200 रुपए बढ़ाकर वसूले जा रहे हैं। अगर कोई विरोध करता है तो पहले धमकाते हैं, फिर मारपीट पर उतर जाते हैं। पार्किंग राजस्व अधिकारी-I के क्षेेत्र में
“अभी तक पार्किंग का ठेका नहीं हुआ है। ये काम राजस्व अधिकारी प्रथम के क्षेत्र में आता है। वहीं ज्यादा जानकारी दे सकते हैं। कौन चला रहा है। इसके बारे में जानकारी देना संभव नहीं, मैं छुट्टी पर हूं।”
-मो. कासिम, कार्यवाहक राजस्व अधिकारी, हवामहल-आमेर जोन, हेरिटेज निगम टेंडर में कोई नहीं आया, जोन को सौंपी
“हमने पार्किंग का टेंडर निकाला था, लेकिन उसमें भाग लेने के लिए कोई नहीं आया। बाद में पार्किंग का जिम्मा हवामहल-आमेर जोन को सौंप दिया। उन्हें ही वाहन पार्किंग संचालित करने को दी गई थी। अगर वहां पर कोई अवैध वसूली कर रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।”
-निधि सिंह, उपायुक्त राजस्व प्रथम, हेरिटेज निगम


