कांग्रेस जिलाध्यक्ष चुनने गुजरात फार्मूला! देना होगा इंटरव्यू, परफार्मेंस के आधार पर नियुक्ति छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में गुजरात फार्मूला अपनाया जा सकता है। एआईसीसी द्वारा नियुक्त किए गए आर्ब्जवर प्रदेश के 14 जिलों को छोड़कर शेष बचे जिलाध्यक्षों का इंटरव्यू लेकर उनके परफार्मेंस के आधार पर नियुक्ति को हरी झंडी देंगे। इसके लिए ‘संगठन सृजन अभियान’ चलाया जाएगा। हालांकि प्रदेश कांग्रेस की ओर से अभी तक इसे लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं है। दरअसल, गुजरात में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद जिलाध्यक्षों को ताकतवर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिलाध्यक्षों के चयन के लिए एआईसीसी की ओर से आर्ब्जवरों की नियुक्तियां भी की गईं है। प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी गुजरात के आर्ब्जवर बनाए गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि गुजरात में यह फार्मूला काम कर गया तो छत्तीसगढ़ में भी इसे हरी झंडी दी जा सकती है। इससे पहले कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति प्रदेश के नेताओं की सिफारिश के आधार पर किया जाता था। नेता अपने-अपने क्षेत्र के समर्थकों का नाम जिलाध्यक्षों के लिए आगे बढ़ाते रहे हैं, लेकिन फॉर्मूले के आधार पर ऐसा नहीं हो पाएगा। गुजरात कांग्रेस ने नए फॉर्मूले को ‘संगठन सृजन अभियान’ का नाम दिया। इसके तहत हर जिले के लिए नियुक्त ऑब्जर्वर स्थानीय नेताओं से चर्चा करके दावेदारों के इंटरव्यू कर रहे हैं। जिला अध्यक्षों को दिए जाएंगे ये पावर टिकट बंटवारे में भी जिलाध्यक्षों की राय ली जाएगी, इसी तरह राजनीतिक अपॉइंटमेंट यानी किसे कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी इस संबंध में भी जिलाध्यक्षों से पूछा जाएगा। संगठन के कामों में जो खर्च-फरमान निकलते थे, वो सब अब जिला अध्यक्षों की राय से होंगे। मतलब पैसे की प्लानिंग में भी इनकी एंट्री पक्की रहेगी। वहीं एआईसीसी और पीसीसी से जो भी अभियान या कार्यक्रम होते हैं, उन पर अमल कराने और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी भी अब इन्हीं की होगी। हर जिले में वोटर लिस्ट अपडेट करवाना और सही आंकड़े रखना, ये भी अब जिला अध्यक्ष की ड्यूटी बन जाएगी। दरअसल राहुल गांधी ने खुद कह दिया है जो जिला अध्यक्ष बढ़िया काम करेंगे, उसे आगे चलकर मंत्री जैसे बड़े पद भी मिल सकते हैं। भूपेश और डहरिया हैं गुजरात के आर्ब्जवर
राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री शिव डहरिया को गुजरात में ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। इसके अलावा अन्य राज्यों से भी वरिष्ठ नेताओं को ऑब्जर्वर बनाकर गुजरात भेजा गया है। परफॉर्मेंस का इस तरह होगा आंकलन


