गर्मी की छुटि्टयां में शादियों का सीजन। यानी ट्रेनों और बसों में भीड़ का पीक समय। ऐसे भारी भीड़ वाले समय में रेलवे ने अगले दो महीनों के दौरान लंबी दूरी की 253 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। यानी 506 फेरे नहीं चलेंगे। इससे 9 लाख से ज्यादा यात्रियों को यात्रा रद्द करनी पड़ेगी। इनमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने दो-दो महीने पहले रिजर्वेशन करवाया था। क्योंकि किसी को शादी में तो किसी को बच्चों के साथ घूमने जाना है। अब ऐसे लोगों को तुरंत में दूसरी ट्रेनों में सीट नहीं मिलेगी। यात्रियों के लिए परेशानी का ये समय दलालों के लिए दोगुनी कमाई का जरिया बन गया है। स्टेशन के आस-पास चाय-पान, फल और समोसे और मोबाइल की दुकानों तक उन्होंने अपना नेटवर्क फैला लिया है। जो लाेग दलालों तक नहीं पहुंच पा रहे, उन्हें ये दुकान वाले कंफर्म बर्थ दिलवा रहे हैं। भास्कर ने एक हफ्ते तक ऐसे ठेले और दुकान वालों का पता लगाकर उनसे डील की। इस दौरान पता चला एसी 2 और थ्री का प्रति सीट 1-1 हजार एक्स्ट्रा दो और किसी भी ट्रेन की कंफर्म बर्थ मिल जाएगी। समोसे वाले ने कहा- पैसे दो टिकट दूंगा स्टेशन परिसर से सटे मोबाइल दुकान में शनिवार की दोपहर। कुछ लोगों ने बताया था यहां भी टिकट मिलता है। रिपोर्टर पहुंचा। दुकान में एक युवक मोबाइल रिपेयर कर रहा था। सोमवार का मुंबई का टिकट चाहिए, ये सुनते ही उसने बाजू दुकान में समोसे के ठेले पर खड़े युवक की ओर देखकर इशारा किया। वह तुरंत काम छोड़कर पास आया और सारी डिटेल्स लिया। उसने बताया कि 10 मिनट रुको बता दूंगा कि कौन सी ट्रेन में टिकट मिल पाएगा। फिर मोबाइल पर किसी को कॉल किया। 10 मिनट बाद कहा- ज्यादातर ट्रेनें रद्द हैं। लेकिन दुरंतो में दिलवा दूंगा। पर एसी थ्री टायर के एक टिकट 3900 रुपए लगेंगे। आप कंफर्म टिकट से मतलब रखो रविवार दोपहर 12.30 बजे। चिलचिलाती धूप। स्टेशन से तेलघानी नाका जाने वाली सड़क। भास्कर रिपोर्टर ने किनारे खड़े फल ठेले वाले से पूछा- यहां ट्रेन का टिकट कहां मिलेगा। सुनते ही उसने कहा- हां बताइये मिल जाएगा। कब का चाहिए। मंगलवार का इलाहाबाद का टिकट कहने पर वह अपने साथ ट्रैवल्स कार्यालय लेकर गया। संचालक से मिलवा दिया। अर्जेंट में थर्ड एसी के तीन टिकट मांगने पर कहा- पैसा और डिटेल जमा कर दो। टिकट मिल जाएगा। पर एसी थ्री और टू के एक टिकट पर एक हजार एक्सट्रा लगेगा। पर टिकट तो मिल नहीं रहा है, आपको कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि टिकट लो इन सब में मत पड़ो। एजेंटों के पास होता है हाई स्पीड ब्राड बैंड तत्काल कोटे की सीटों के लिए बुकिंग शुरू होते ही अक्सर रेलवे की साइट जाम हो जाती है। जबकि एजेंटों के पास हाई स्पीड ब्राड बैंड सर्विस का नेट रहता है। वे कई आईडी से प्रयास करते हैं इससे उनका टिकट पहले बन जाता है। जबकि आम लोग प्रयास करते रह जाते हैं। टिकट दलालों पर लगातार नजर
अवैध तरीके से जो लोग टिकट निकाल रहे हैं, उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। आरपीएफ के उड़नदस्ते और क्राइम ब्रांच से अभी सीजन को देखते हुए विशेष निगरानी करने कहा गया है। -रमन कुमार कमांडेंट, आरपीएफ रायपुर 5000 में रेलवे के अधिकृत दलाल का लाइसेंस आईआरसीटीसी ऑनलाइन टिकट के लिए प्रिसिंपल सर्विस प्रोवाइडर (पीएसपी) का लाइसेंस देती है। आईआरसीटीसी यह लाइसेंस उसे देती है, जिसका टर्न ओवर एक साल में 10 करोड़ से अधिक है। लाइसेंस लेने वाले पांच-पांच हजार रुपए लेकर रिटेल सर्विस प्रोवाइडर(आरएसपी)का लाइसेंस देते हैं। लाइसेंस लेने वाले गली मुहल्ले में दुकान खोलकर रेलवे का टिकट बनाते हैं। एक साल में आधा दर्जन दलालों के ऑफिस में छापा : आरपीएफ के उड़ने दस्ते ने पछले एक साल में गुढ़ियारी, समता कालोनी, रामनगर और स्टेशन इलाके में स्थित आधा दर्जन अधिकृत टिकट दलालों के ऑफिस में छापा मारकर अवैध टिकट जब्त कर चुका है। उड़नदस्ते की टीम खुद ग्राहक बनकर उनके ऑफिस में गई थी। वहां एक्स्ट्रा चार्ज में कंफर्म बर्थ दिलाने के एवज में ज्यादा पैसे मांगे गए थे।


