राजपुर नगर पंचायत के पार्षदों ने अध्यक्ष धरम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों ने प्रेस वार्ता कर कहा कि अध्यक्ष विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं और कलेक्टर बलरामपुर के समक्ष लगातार झूठी शिकायतें कर रहे हैं। पार्षदों के अनुसार, अध्यक्ष धरम सिंह के पास नगर के लोक हित के लिए कोई कार्य योजना नहीं है। वे दलालों के बहकावे में आकर नगर पंचायत के कार्यों और अधिकारियों-कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ भी झूठी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। परिषद को नौ महीने बाद भी स्वीकृति नहीं पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर अध्यक्ष धरम सिंह ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ का ढोल पीटते हुए विधायक-सांसदों के साथ मंच साझा करते हैं और जनता को विकास के झूठे दावे कर भ्रमित करते हैं। वहीं, परिषद के गठन को नौ महीने बीत जाने के बाद भी शासन स्तर से निकाय को विकास कार्यों के लिए कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। पार्षदों ने कुसमी नगर पंचायत का उदाहरण दिया, जहां ‘डबल इंजन’ के विरुद्ध निर्वाचित अध्यक्ष होने के बावजूद लगातार निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिल रही है। यह दर्शाता है कि राजपुर में विकास कार्य ठप पड़े हैं। पार्षदों का आरोप- अध्यक्ष झूठी शिकायतों में व्यस्त अध्यक्ष धरम सिंह द्वारा मंगल भवन निर्माण, स्ट्रीट लाइट और सीएमओ पर डीजल चोरी जैसे आरोपों पर की गई शिकायतों को छह माह बीत चुके हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अध्यक्ष स्वयं निर्णय नहीं ले रहे हैं, बल्कि दलालों के झांसे में आकर झूठी शिकायतें करने में व्यस्त हैं। पार्षदों ने कहा कि इन हरकतों के कारण नगर के लोकहित और विकास कार्य रुक गए हैं। उन्होंने मांग की कि अध्यक्ष धरम सिंह को अपनी इस करतूत के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए और नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान पार्षद प्रभात रंजन त्रिपाठी, विश्वास कुमार गुप्ता, नेहा चौबे सहित गणमान्य नागरिक राजेंद्र सिंह और कौशल चौबे उपस्थित थे।


