पालकोट प्रखंड अंतर्गत डहुपानी पंचायत में प्राकृतिक नैसर्गिक छटाओं के लिये पर्यटकों के बीच लोकप्रिय व नागवंशी राजाओं की राजधानी रहे पालकोट में एक अब तक विकास से अछूता है। मगर पर्यटकों के लिए रोमांचक सुंदरडीह फॉल विकसित किए जाने के लिए एक अदद प्रयास की बाट जोह रहा है। पालकोट प्रखंड मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर सुन्दरडीह गांव के समीप अवस्थित इस जलप्रपात में स्थानीय पर्यटक किसी भी तरह की मौलिक व भौतिक सुविधाएं नहीं होने के बावजूद काफी संख्या में फॉल तक पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं। पिछले कुछ सालों में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय होते इस सुंदरडीह फॉल के विकास के लिए स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों से लेकर सूबे के मुख्यमंत्री तक के पास गुहार लगाया। कांग्रेसी नेता संतोष गुप्ता ने सूबे के मुख्यमंत्री से मिल कर सुंदरडीह गांव से फॉल तक पहुँचने वाले एक किलोमीटर जंगली रास्ते के निर्माण की मांग रखी थी, परंतु अभी तक उक्त स्थल पर विकास का कोई भी कार्य नहीं हो पाया है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच प्रसिद्धि पा रहे व घने जंगल पहाड़ के तराई में अवस्थित इस वाटर फॉल में पर्यटकों की भीड़ उमड़ती रहती है। परंतु सुरक्षा व पहुंच पथ नहीं होने से काफी पर्यटक चाह कर भी इस जलप्रपात का आनंद लेने के लिए नहीं पहुंचते हैं। बरसात व सर्दी के मौसम में अपनी नैसर्गिक छटा बिखेरती इस जलप्रपात को विकसित कर दिया जाता है तो जो पर्यटक पालकोट मुख्यालय में प्राकृतिक व धार्मिक पर्यटन के लिए प्रतिदिन पालकोट पहुंचते हैं। {गुमला जिला मुख्यालय से 42 किमी {कनेक्टिविटी – सुंदरडीह फाल का विकास होगा तो गुमला- सिमडेगा जिला सहित पूरे राज्य का जुड़ाव इस स्थान से होगा। {प्रसिद्धि- सुंदरडीह फाल प्राकृतिक सुंदरता की प्रसिद्धि झारखंड सहित अन्य राज्यों में होगी और हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पर बिरक्त करेंगे। जिससे पालकोट, गुमला और पूरे राज्य में प्रसिद्धि ।


