कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ आंदोलन के तहत जिला कांग्रेस कमेटी, पाली के तत्वावधान में सोमवार को पाली कलेक्ट्रेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। इसके बाद जिला कलेक्टर एलएन मंत्री को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें चार प्रमुख मांगें रखी। इनमें पहली काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी। दूसरी मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी, तीसरी काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली और चौथी मांग रखी कि न्यनूतम वेतन 400 रुपए मजदूरी के दिए जाए। जिलाध्यक्ष ने लगाया योजना को कमजोर करने का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर योजना को कमजोर करके लागू किया है, जिससे काम के अधिकार की वैधानिक गारंटी समाप्त हो गई है। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीज दर्द, पूर्व प्रधान शोभा सोलंकी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक मनरेगा की आत्मा को कमजोर करने वाला, गरीब-मजदूर विरोधी कदम है। कांग्रेस नेता जोगाराम सोलंकी, प्रदेश सेवादल उपाध्यक्ष मोहन हटेला, नीलम बिड़ला ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने कांग्रेस की पहल पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू किया था, जिसने गरीबों, महिलाओं और मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी थी। इसके साथ ही अन्य कई वक्ताओं ने संबोधित करते हुए मनरेगा को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने का काम किया। यह लोग रहे मौजूद
इस दौरान शहर ब्लॉक अध्यक्ष हकीम भाई, रोहट ब्लॉक अध्यक्ष पीराराम पटेल, सुमेरपुर ब्लॉक अध्यक्ष नेहपाल सिंह जोधा, पाबूसिंह राणावत, पंचायतीराज प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष मदनसिंह जागरवाल, प्रवीण कोठारी, मेहबूब भाई टी, जीवराज बोराणा, भंवर राव, करण सिंह मेड़तिया, गोविंद बंजारा, गुलाब सिंह गिरवर, नगेन्द्र सिंह गुर्जर, ताराचन्द चन्दनानी, भेराराम गुजर्र, आनंद सोलंकी, रमेश चावला, शकील अहमद नागोरी, मोहनसिंह हेमावास, दिनेश दवेगोरधन प्रजापत, आमीन अली रंगरेज, रफीक गौरी, दिनेश दवे, अशोक सिंह पूनायता, जेठूसिंह राजपुरोहित,पंकज आदिवाल, दुर्गाराम राठौड़, चन्द्रपाल सिंह पुनायता, राजू सिंह सोनाईमांझी, अनिल सिंह निम्बाडा सहित कई कांग्रेस जन मौजूद रहे।


