पाली में रेगर समाज के आराध्य संत संत रविदास की जयंती के मौके बुधवार को पाली में पहली बार सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। संत शिरोमणी रविदास जयंति समारोह समिति एवं समस्त रेगर समाज पाली के तत्वावधान में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सैकड़ों समाजबंधुओं की मौजूदगी में 13 जोड़े शुभ मुर्हूत में परिणय सूत्र में बंधे। संत शिरोमणी रविदास जयंती महोत्सव और सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर बुधवार सुबह शहर में गाजे बाजे के साथ बंदौली और शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें दूल्हे घोड़े पर और सजी-धजी दुल्हने गाड़ियों में सवार थी। पूरे रास्ते जोश से लबरेज युवा नाचते गाते हुए चले रहे थे। शहर के सूरजपोल लोढ़ा धर्मशाला से रवाना हुई शोभायात्रा शहर के अम्बेडकर सर्किल, रेलवे स्टेशन, मिलगेट, ओवरब्रिज होते हुए बांगड़ स्टेडियम पहुंच सम्पन्न हुई। उसके बाद बारातों का स्वागत कार्यक्रम हुआ और फिर सवा 11 बजे विद्वान पंडितों ने सभी 13 जोड़ों का विधि-विधान से विवाह सम्पन्न करवाया। भामाशाहों को किया सम्मानित
इस दौरान सामूहिक विवाह समारोह में आर्थिक सहयोग करने वाले 50 से ज्यादा भामाशाहों को आयोजक समिति की ओर से सम्मानित किया गया। उसके बाद शाम सवा पांच बजे विदाई दी गई। पूर्व संयोजक अशोककुमार कुलदीप ने बताया कि समारोह में अतिथि के रूप में पाली विधायक भीमराज भाटी, गिरधारीसिंह राजपुरोहित, कुकाराम चौहान, हामाराम, पारसमल बालोटिया, अश्वनी सिंघाड़िया आदि मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं में अध्यक्ष ताराचंद कुर्डिया, उपाध्यक्ष भीकमचंद नोगिया, महासचिव मदनलाल चंगेरीवाल, सचिव दीपेश कुमार जागरीवाल, सह कोषाध्यक्ष सुरेश तंवर, माणकचंद कुर्डिया, राजेश बालोटिया, धनराज सुखाड़िया, केवलचंद चौहान, अशोक सिंगारिया आदि जुटे रहे। समाजबंधुओं ने उपहारों से भरी दूल्हा-दुल्हनों की झोली
सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह बंधन में बंधने वाले सभी 13 जोड़ों को समाजबंधुओं ने जमकर आशीवार्द और उपहार दिए। किसी ने सिलाई मशीन, किसी ने बेड तो किसी ने अलमारी तो किसी ने घरेलू सामग्री आदि उपहार में दिए।


