पाली में रेप के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज:करीब 7 महीने बाद हाईकोर्ट के आदेश पर कोर्ट में आरोपी ने किया था सरेंडर

22 साल की युवती को जॉब देने के बहाने बुलाकर उससे रेप कर अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर के मामले में आरोपी अभिषेक सिंह सोलंकी की ओर से पाली के एससी-एसटी कोर्ट जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी। जिसे जज राकेश गोरा ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। बता दे कि जोधपुर हाईकोर्ट ने 21 नवंबर 2025 को आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की थी और उसे कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। जिस पाली के महाराणा प्रताप नगर रहने वाला 24 साल का आरोपी अभिषेक सिंह सोलंकी 26 नवंबर को कोर्ट के समक्ष सरेंडर किया था। जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेजा गया था।
एडवोकेट लादूराम मेवाड़ा ने बताया कि मामले अभियुक्त की ओर से पाली के एससी-एसटी कोर्ट जमानत के लिए आवेदन किया था। जिसे कोर्ट ने जज राकेश गोरा ने खारिज किया। यह भी पढ़े – पाली में जॉब देने के बहाने बुलाकर युवती से रेप:बोली- फोटो वीडियो सोशल मीडिया
पर शेयर करने की धमकी दी, दो बार की ज्यादती यह है मामला
बता दे कि पाली के औद्योगिक नगर थाने में 9 मई 2025 को पीड़िता के पिता ने थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया था कि उनकी 22 साल की बेटी जॉब की तलाश कर रही थी। इस दौरान उसके पहचान के जोधपुर हाल पाली के औद्योगिक थाना क्षेत्र में रहने वाले 24 साल के अभिषेक से हुई थी। जिसने 19 अप्रैल को जोधपुर रोड स्थित एक रेस्टारेंट में उसे मिलने बुलाया था।
इस दौरान उसने जॉब तलाशने की बात कही तो आरोपी ने कहा कि वह कंस्ट्रक्शन का काम करता है और उसे कम्प्यूटर ऑपरेटर की जरूरत है। उसने पीड़िता को अपने ऑफिस का एड्रेस दिया और कहा कि इंटरव्यू के लिए आ जाना। इस पर उसके बुलावे पर पीड़िता 22 अप्रैल 2025 को सुबह 11-12 बजे के बीच जोधपुर रोड आशापुरा टाउनशिप के पास उसके मकाननुमा ऑफिस पहुंची।
जहां आरोपी ने पीड़िता को डरा-धमका कर जबरदस्ती रेप किया था। और फोटो-वीडियो बना लिए थे और किसी को कुछ बताने पर उसे वायरल करने की धमकी दी थी। डर के मारे पीड़िता ने घर पर भी कुछ नहीं बताया। आरोप है कि आरोपी ने उसके फोटो-वीडियो डिलीट करने की बात कहते हुए उसे 5 मई 2025 की दोपहर 12 से एक बजे के बीच वह वापस उसके ऑफिस नुमा घर बुलाया। जहां आरोपी ने पीड़िता के फोटो-वीडियो डिलीट करने की बजाय फिर से उसके साथ रेप किया। अपने साथ हो रही ज्यादती के चलते पीड़िता डिप्रेशन में चली गई थी और 8 मई को घर में रखी नींद की गोलियां खा ली। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां पुलिस और परिजनों ने पूछा तो लड़की ने अपने साथ हुई सारी घटना बताई।
पुलिस ने पीड़िता के पिता की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया था। लेकिन घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। जिसे औद्योगिक थाना पुलिस भी पकड़ नहीं पाई। आखिरकार जोधपुर हाईकोर्ट के आदेश पर आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर किया जहां से उसे जेल भेजा गया।

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