पाली में CETP के पूर्व अध्यक्ष की 2 फैक्ट्रियां बंद:भैरवा टैक्सटाइल्स में बंद था ईटीपी; 5 साल गुलेच्छा प्रिंटिंग वर्क्स से पहुंचाते रहे दूषित पानी

पाली में CEPT फाउंडेशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल गुलेच्छा की फैक्ट्री भैरवा टैक्सटाइल्स व गुलेच्छा प्रिंटिंग वर्क्स का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंसेंट टू ऑपरेट निरस्त किया है। भैरवा टैक्सटाइल्स पर 7.59 लाख जुर्माना भी लगाया है। बोर्ड की टीम ने 16 दिसंबर 2024 को भैरवा टैक्सटाइल्स (जो ईटीपी है) का निरीक्षण किया था। टीम को ईटीपी ढंग से काम करता हुआ नहीं मिला। डीएएफ, प्राइमरी क्लेरिफायर और एमईई (पानी को वापस उपयोग में लेने का प्रोसेस) बंद मिला था। इसके अलावा फैक्ट्री से रीको नाले के ऊपर पाइप भी मिला। जिससे बोर्ड ने माना कि फैक्ट्रियों के केमिकल को नाले में डालना जा रहा है। अंडरग्राउंड स्टोर टैंक मिला था भैरवा टेक्सटाइल्स के साथ ही गुलेच्छा प्रिंटिंग वर्क्स प्लांट संख्या 8ए (जो कि सीईटीपी सदस्य इकाई) में एक भूमिगत भंडारण टैंक मिला था। इससे भैरवा टैक्सटाइल से इस टैंक में प्रदूषित पानी डालने के लिए भूमिगत पाइप लाइन मिली थी। टीम ने प्रदूषित पानी डालते हुए भी देख लिया था। इतना ही नहीं टीम को पास के ही प्लांट 9ए व 8बी में 11 डाइंग जिगर और एक सॉफ्ट फ्लो मशीन मिली, जो बोर्ड द्वारा बिना कंसेंट के संचालित हो रही थी। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 15 जनवरी 2025 को फैक्ट्री मालिक अनिल गुलेच्छा को पक्ष रखने के लिए बुलाया। जहां गुलेच्छा ने बताया कि 16 जुलाई 2017 के किराया एग्रीमेंट के अनुसार गुलेच्छा प्रिंटिंग वर्क्स प्लाट नंबर 8ए, 8बी, 9ए, जो एक सीईटीपी से कनेक्टिंग इकाई है और भैरवा टेक्सटाइल्स इंडस्ट्रीज स्वयं का ईटीपी ईकाई है। जो दोनों अंदर से जुड़ी हुई हैं। जिससे भैरवा टैक्सटाइल्स इंडस्ट्रीज का प्रदूषित पानी सीईटीपी में गुलेच्छा प्रिंटिंग वर्क्स के आउटलेट से ट्रीट करने के लिए भेजती है। जिसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीरता से लेते हुए बोर्ड व एनजीटी के नियमों का उल्लंघन बता भैरवा टैक्सटाइल्स पर पेनल्टी लगाई फिर कंसेंट टू ऑपरेट भी निरस्त कर दिया। तय सीमा में पेनल्टी जमा नहीं करवाने पर फर्म को 1.5 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा। अन्यथा कम से कम डेढ़ साल का कारावास व जुर्माने की सजा हो सकती है। भैरवा टैक्सटाइल में बंद था ईटीपी टीम को पता चला कि गुलेच्छा प्रिटिंग वर्क्स 8ए औद्योगिक क्षेत्र में कंसेंट टू स्टेब्लिस और कंसेंट टू ऑपरेट की सहमति के बिना ही 8 डाइंग जिगर, एक स्पीजिंग मशीन, एक सॉफ्ट फ्लो मशीन स्थापित किए हुए हैं। टीम को भैरवा टेक्सटाइल्स इंडस्ट्रीज के पास वाले प्लांट में बहने वाला प्रदूषित पानी प्लांट संख्या 8ए में फैला हुआ मिला। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राहुल शर्मा ने निरीक्षण के दौरान 16 व 17 दिसंबर 2024 को गुलेच्छा प्रिंटिंग वर्क्स को बंद करने के निर्देश दे दिए। बिना कंसेंट के 1280 दिन (17 जून से 17 दिसंबर 2024) तक संचालित होती मिली थी। आरओ बोले- फैक्ट्री बंद करने के आदेश दिए मामले में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी ने बताया कि आरपीसीबी मुख्यालय की ओर से कार्रवाई की गई है। भैरवा टेक्सटाइल्स इंडस्ट्रीज पर बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही 7.59 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। गुलेच्छा प्रिंटिंग वर्क्स को मेरे आने से पहले ही बंद कर दिया गया था।

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