पालोबेड़ा हादसा : देवर-भाभी की चिता एक साथ जली, लोगों की आंखें हुईं नम

भास्कर न्यूज | गोविंदपुर झारखंड सशस्त्र वाहिनी के सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर रामाशंकर ओझा के घर से उनके छोटे पुत्र 52 वर्षीय अरविंद ओझा और बड़ी बहू 54 वर्षीय सुधा ओझा का शव रविवार को एक साथ खुदिया घाट के लिए ले जाया जाने लगा तो लोग गमगीन हो गए। दोनों की मौत शनिवार शाम को पूर्वी टुंडी थाना अंतर्गत गोविंदपुर -साहिबगंज सड़क पर पालोबेड़ा गांव के समीप सड़क दुर्घटना में हो गई थी। ये लोग देवघर से पूजा कर कार से गोविंदपुर लौट रहे थे। कार अरविंद ओझा चला रहे थे। कार में अरविंद का बड़ा भाई डीआरएम कार्यालय धनबाद में सीनियर स्टेशन मास्टर प्रफुल्ल ओझा, उनकी पत्नी सुधा ओझा तथा अरविंद की पत्नी सरोज ओझा सवार थीं। दुर्घटना में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने चारों को एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया। जहां प्रफुल्ल ओझा की पत्नी सुधा ओझा की मौत हो गई। बेहतर इलाज के लिए तीनों घायलों को एसएनएम एमसीएच से असर्फी अस्पताल रेफर िकया गया। जहां शनिवार रात करीब 9.15 बजे अरविंद ओझा ने दम तोड़ दिया। अरविंद ओझा को उनके पुत्र हिमांशु ओझा व सुधा ओझा को मुखाग्नि उनके पुत्र शुभ्रांशु ओझा ने दी। असर्फी अस्पताल से प्रफुल्ल ओझा को दुर्गापुर या कोलकाता ले जाने की तैयारी है। सरोज ओझा की हालत खतरे से बाहर है। प्रफुल ओझा और सुधा ओझा की पुत्री प्रेरणा ओझा का इलाहाबाद निवासी अभियंता एस ओझा से होने के बाद पूरा परिवार शनिवार को देवघर पूजा करने गया था। रामाकांत ओझा सेवानिवृत्ति के बाद मास्टर कॉलोनी गोविंदपुर में घर बनाकर रहने लगे। 80 वर्ष से अधिक आयु के सूबेदार मेजर मिलनसार व्यक्ति​ हैं।

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