एसजीपीसी के पूर्व महासचिव सुखदेव सिंह भौर समेत 5 कर्मचारी शनिवार को 328 पावन स्वरूपों के मामले में एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराने पुलिस कमिश्नरेट ऑफिस पहुंचे। शिरोमणि कमेटी के लीगल एडवाइजर एडवोकेट अमनबीर सिंह सियाली और श्री दरबार साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह रूबी के साथ सिट के बुलाने पर गवाही देने पहुंचे लोगों में सुखदेव सिंह भौर, नरेन कुमार, जसविंदर सिंह पूर्व अकाउंटेंट, ऊधम सिंह और मनजिंदर सिंह शामिल रहे। शुक्रवार को शिरोमणि कमेटी के 6 कर्मियों ने सिट के सामने गवाही दर्ज कराई थी। अब आने वाले दिनों में और मौजूदा व पुराने कर्मी सिट के सामने गवाही देने जा सकते हैं। सिट के अधिकारी के मुताबिक, एसजीपीसी कर्मी जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं। सिट की ओर से 30 और 31 जनवरी को पेश होने की हिदायत दी गई थी। एसजीपीसी के सुपरिंटेंडेंट मलकीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, पंजाब सिंह, हरप्रीत सिंह,जोगा सिंह सहित 6 कर्मचारी बीते शुक्रवार को एसआईटी के समक्ष पेश हुए थे। सिट को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा शिरोमणि कमेटी के लीगल एडवाइजर एडवोकेट अमनबीर सिंह सियाली ने कहा, एसजीपीसी की ओर से सिट को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। जांच में किसी भी तरह की कोई रुकावट नहीं डाली जा रही और एसजीपीसी पूरी तरह पारदर्शिता के साथ सहयोग कर रही है।


