पासपोर्ट री-इशू आवेदनों में तकनीकी गड़बड़ी, आरपीओ कोटा की जगह दिख रहा जयपुर, आवेदक हो रहे परेशान

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ सहित राजस्थान के 12 जिलों में पासपोर्ट री-इशू (पुनः जारी) कराने वाले आवेदकों को तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर आवेदन के दौरान कई आवेदकों को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) कोटा के स्थान पर आरपीओ जयपुर दिखाई दे रहा है। इसके कारण कोटा और उदयपुर के पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) एवं पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) की सूची उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे आवेदक असमंजस में हैं। इस समस्या को देखते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय कोटा ने आधिकारिक गाइडलाइन जारी की है। कोटा के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी यशवंत माठे ने बताया कि कोटा संभाग के अंतर्गत आने वाले भीलवाड़ा, बारां, झालावाड़, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बूंदी, उदयपुर और सलूंबर जिलों के कई आवेदकों को यह समस्या आ रही है। खासतौर पर पासपोर्ट री-इशू आवेदन के समय पोर्टल पर गलत आरपीओ दिखने से आवेदक सही केंद्र का चयन नहीं कर पा रहे हैं। आरपीओ कोटा ने आवेदकों को सलाह दी है कि सामान्यतः लोग पासपोर्ट मिलने से पहले ही यात्रा टिकट बुक कर लेते हैं और बाद में इमरजेंसी बताते हुए प्रक्रिया जल्द करने का अनुरोध करते हैं। जबकि टिकट बुक होना अत्यावश्यक स्थिति नहीं मानी जाती। इसलिए आवेदक पहले पासपोर्ट प्राप्त करें और उसके बाद ही यात्रा टिकट बुक करें। अधिक जानकारी या समस्या समाधान के लिए आवेदक क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, कोटा से संपर्क करें। आधिकारिक पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर भी जानकारी उपलब्ध है। पूछताछ के लिए कार्यालय के नंबर 0744-2943382 पर भी संपर्क करें। तकनीकी समस्या का मुख्य कारण पुराने लॉगिन आईडी का उपयोग है। ऐसे में पासपोर्ट री-इशू कराने वाले सभी आवेदकों को नई यूजर आईडी, यूजरनेम और पासवर्ड के साथ नया रजिस्ट्रेशन करें। नई लॉगिन आईडी से आवेदन करने पर ही आवेदक सही तरीके से आरपीओ कोटा का चयन कर सकेंगे और संबंधित पीएसके व पीओपीएसके की सूची देख पाएंगे। पुराने अकाउंट से आवेदन करने पर यह तकनीकी दिक्कत बनी रह सकती है। डिजी-लॉकर में उपलब्ध दस्तावेज पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज सत्यापन के लिए मान्य हैं। इसलिए आवेदकों को आवेदन करते समय डिजी-लॉकर का एक्सेस अवश्य देना चाहिए, ताकि दस्तावेज सत्यापन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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