चार महीने पहले जिस गोगुंदा के जंगल के जंगल लेपर्ड के मूवमेंट और इंसानी हमलों को लेकर चर्चा थी उसी क्षेत्र के सायरा ब्लॉक में एक लेपर्ड जो जैन मंदिर में आराम से आ जा रहा था वह अब पिंजरे में आ गया। लेपर्ड बहुत शातिर था लेकिन मंगलवार की रात को वह फंस ही गया। लेपर्ड का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया जिसमें वह कैसे पिंजरे में फंसा सब कुछ दो मिनट में हुआ। लेपर्ड के पकड़ में आने पर सोया हुआ पूरा गांव जाग गया और चिंता से घिरे ग्रामीण खुश हो गए। उदयपुर जिले के सायरा से राजसमंद के कुंभलगढ़ के बीच भानपुरा गांव है जहां पर गांव के बीच आबादी में स्थित जैन मंदिर में लेपर्ड लगातार देखा जा रहा था। गांव वाले आबादी के अंदर लेपर्ड के मूवमेंट से भयभीत थे और रात को तो घर से निकलना मुश्किल हो गया था। इस बीच वन विभाग ने पिंजरा लगाया लेकिन लेपर्ड नहीं आया। मंगलवार की रात को वहां पिंजरे के पास करीब रात 10.09 बजे एक लेपर्ड आया। लेपर्ड ने पहले मंदिर की तरफ जाने की कोशिश की फिर उसे डाउट हुआ कि यहां कोई शिकार है। लेपर्ड वापस पीछे हुआ और पिंजरे के पास आया और जाली में उसे दिखा कि अंदर तो शिकार है। शातिर लेपर्ड की चालाकी यहां काम नहीं आई और वह शिकार के चक्कर में 10.10 बजे पिंजरे में चला गया और धड़ाम से पिंजरे का गेट जो ऊपर था नीचे गिर गया और लेपर्ड अंदर बंद हो गया और वह पिंजरे में फंस गया। यह सब कुछ 2 मिनट में हुआ और वहां लगे सीसीटीवी फुटेज में लेपर्ड की हर गतिविधि कैद हो गई। पंचायत समिति सदस्य रविंद्र सिंह राणावत ने बताया- रात को गांव में लोग सो गए थे लेकिन इस सीसीटीवी कैमरा एक्सेस करने के राइट्स दो जनों के पास है इसमें से एक सूरत रहता है। राणावत ने बताया कि लेपर्ड के मूवमेंट से ग्रामीण घबराए हुए है ऐसे में सूरत में जैन समाज के विपुल जैन इसको एक्सेस करते है तो रात को वो मोबाइल पर फुटेज देख रहे थे तो एकाएक उनको लेपर्ड दिखा। उन्होंने पूरा देखा और जैसे ही लेपर्ड पिंजरे में आया तो गांव वालों को फोन कर सूचना दी। राणावत बताते है कि गांव में रात को तुरंत सूचना फैली और बड़ी संख्या में गांव वाले नींद से उठकर सीधे जैन मंदिर के वहां पहुंचे और लेपर्ड को पिंजरे में देखा तो खुश हुए। राणावत बताते है कि लेपर्ड के फरवरी महीने के शुरूआत में दिखने के बाद से लोग भयभीत है और रात के समय घर से निकलने में घबरा रहे थे। बच्चों से लेकर बड़ों में लेपर्ड को लेकर डर था और जैसे ही लेपर्ड के पकड़ में आने की सूचना मिली तो खुशी हुई। वे बताते है कि अभी भी लोगों में इस बात को लेकर संशय है कि जो लेपर्ड फुटेज में दिखा वो मेच नहीं कर रहा है ऐसे में यहां लगातार अभी निगरानी की जाए ताकि और भी लेपर्ड होगा तो पकड़ में आ जाएगा। 1300 की आबादी सब सहमे हुए थे
उदयपुर जिला मुख्यालय से करीब 83, गोगुंदा से करीब 45 और सायरा से करीब 11 किलोमीटर दूर भानपुरा गांव है। यह गांव सायरा से जो कुंभलगढ़ रास्ता जाता है उसके बीच पड़ता हैं। गांव की करीब 1300 की आबादी है। गांव के आसपास जंगल नहीं है लेकिन बाहर निकलते ही जंगल जैसा इलाका ही है। गांव के एक तरफ कुंभलगढ़, रणकपुर और सायरा का जंगल पड़ता है लेकिन वह थोड़ा दूर है। लेपर्ड का मूवमेंट ऐसे बना हुआ था


