भास्कर न्यूज| लुधियाना महिलाओं में फिटनेस को लेकर बढ़ती जागरूकता के साथ ही पिलाटे एक्सरसाइज का ट्रेंड बढ़ रहा है। वजन घटाने और मसल्स को मजबूत बनाने के लिए इसे खासतौर पर पसंद किया जा रहा है। फिटनेस एक्सपर्ट के अनुसार, पिलाटे एक्सरसाइज सिर्फ एक वर्कआउट नहीं है, बल्कि यह शरीर को संतुलन में रखने, लचीलापन बढ़ाने और तनाव कम करने का एक प्रभावी तरीका भी है। इसका मुख्य उद्देश्य रीढ़ की हड्डी को मजबूती देना और शरीर की मुद्रा को सही करना है। पिलाटे एक्सरसाइज विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए फायदेमंद है, जो ऑफिस वर्क या लंबे समय तक बैठने वाली लाइफस्टाइल के कारण पीठ दर्द, गर्दन की जकड़न और मोटापे जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। यह एक्सरसाइज छोटे-छोटे नियंत्रित मूवमेंट्स पर आधारित होती है, जिससे शरीर के प्रत्येक मसल्स पर ध्यान दिया जाता है। पिलाटे वर्कआउट में नियंत्रित सांस लेने, फोकस बनाए रखने और मूवमेंट्स पर नियंत्रण का विशेष महत्व होता है। यह वर्कआउट शरीर के कोर मसल्स को मजबूत बनाता है, जो बेहतर बॉडी पोश्चर और चोट से बचाव के लिए अहम है। इसलिए फिटनेस एक्सपर्ट्स महिलाओं को इसे अपनी रूटीन का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। हर उम्र की महिलाओं के लिए फायदेमंद – फिटनेस एक्सपर्ट के मुताबिक पिलाटे वर्कआउट महिलाओं के लिए इसलिए भी बेहतर है, क्योंकि यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ शरीर की सहनशक्ति और लचीलापन बढ़ाता है। यह हार्मोनल बैलेंस को बेहतर करने में मदद करता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। इसके जरिए आप अपने शरीर को टोन कर सकती हैं और आत्मविश्वास को भी बढ़ा सकती हैं। शुरुआती महिलाओं को पहले बेसिक मूवमेंट्स सीखने चाहिए और उसके बाद एडवांस्ड लेवल पर जाना चाहिए। सप्ताह में तीन से चार दिन पिलाटे करने से महिलाओं को 6 से 8 हफ्तों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। पिलाटे एक्सरसाइज हर उम्र की महिलाओं के लिए फायदेमंद है और इसे नियमित रूप से अपनाने से शरीर और दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। केस 1 : हाल ही में पिलाटे को अपनी फिटनेस रूटीन में शामिल करने वाली 38 साल की टीचर बताती हैं कि उन्होंने पिलाटे शुरू करने के एक महीने बाद ही अपने शरीर में बहुत सकारात्मक बदलाव महसूस किए। यह उनके शरीर को न केवल टोन करता है, बल्कि आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। पहले जहां वह जिम में भारी-भरकम मशीनों से डरती थी, वहीं अब पिलाटे ने फिटनेस के प्रति नया नजरिया दिया है। केस 2 : 30 साल की वर्किंग वुमन ने पिलाटे एक्सरसाइज की शुरुआत तीन महीने पहले की थी। लंबे समय से बैक पेन की समस्या से परेशान थीं। डॉक्टर की सलाह पर इसे अपनाया। शुरुआत में उन्हें लग रहा था कि ये एक्सरसाइज उनके लिए कठिन होगी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। पिलाटे एक्सरसाइज से बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी भी बेहतर हुई। अब वह पहले से ज्यादा ऊर्जावान महसूस करती हूं और पीठ दर्द की समस्या लगभग खत्म हो गई है। केस 3 : फिटनेस फ्रीक 28 साल की आर्टिस्ट ने पिलाटे को इसलिए चुना क्योंकि वह कुछ नया ट्राई करना चाहती थीं। उनका अनुभव बेहद शानदार रहा। वह बताती हैं कि पिलाटे ने उनकी पॉश्चर को सुधारा है और मसल्स को टोन किया है। सबसे खास बात यह है कि वह पहले से ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करती हैं। यह एक्सरसाइज न केवल शरीर के लिए फायदेमंद है, बल्कि मानसिक शांति भी देती है।


