यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार सिलेबस तैयार किया गया
रांची यूनिवर्सिटी में पीएचडी एंट्रेंस-2024 के लिए आवेदन जमा करने की प्रक्रिया चल रही है। अंतिम तिथि चार जनवरी है। प्रवेश परीक्षा कुल 100 अंकों का है। इसमें 30 अंक का इंटरव्यू और 70 अंक का रिटेन एग्जाम होगा। 70 अंक के रिटेन में 50 अंक के सवाल रिसर्च मेथडोलॉजी से पूछे जाएंगे। वहीं, 20 अंक के सवाल संबंधित विषय से पूछे जाएंगे, जिसमें अभ्यर्थी पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन जमा किया है। प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों और विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने इसे अनुचित बताया है। उनका तर्क है कि जिस विषय से पीजी की पढ़ाई पूरी की, उससे सिर्फ 20 अंक के सवाल पूछे जाएंगे। जबकि रिसर्च मेथडोलॉजी से 50 अंक के सवाल पूछे जाएंगे, जिसकी अधिकांश विभागों में पढ़ाई नहीं होती है। इसलिए प्रवेश परीक्षा के सिलेबस में संशोधन करने की आवश्यकता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा के आवेदन में जिस विषय का जिक्र किया गया है, उससे अधिक अंक के सवाल पूछे जाने चाहिए। विभिन्न विभागों के शिक्षक भी छात्रों के तर्क को सही बता रहे हैं। बताते चलें कि यूजीसी गाइडलाइन और राजभवन के निर्देश के आलोक में पीएचडी एंट्रेंस का पैटर्न रांची यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा तैयार किया गया है। 21 विषयों में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू पीएचडी के 21 विषयों में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू की गई है। पीएचडी की खाली कुल 479 सीटों पर प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन लिया जाना है। सबसे अधिक 52 सीटें हिंदी विषय में हैं। सबसे कम 5 सीटें भूगर्भशास्त्र में हैं। बताते चलें कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा-2023 भी विवादों में रहा था, जिसकी आपत्तियां आज तक विवि में लंबित हैं। पीएचडी एंट्रेंस में पहली बार निगेटिव अंक का प्रावधान पीएचडी एंट्रेंस में निगेटिव अंक का प्रावधान पहली बार किया गया है। सिलेबस के अनुसार, प्रत्येक सही उत्तर पर एक अंक मिलेंगे। गलत उत्तर के लिए 0.5 अंक निगेटिव मार्किंग का नियम है। अभ्यर्थियों ने निगेटिव अंक का प्रावधान हटाने के लिए विवि को आवेदन दिया है। निगेटिव अंक को हटाने को लेकर विवि सैद्धांतिक रूप से सहमत है। लेकिन, इस पर अंतिम निर्णय कमेटी की मीटिंग में लिया जाएगा।


