वीमेंस हॉकी इंडिया लीग 12 जनवरी से रांची में शुरू होगी। इसमें चार महिला टीमें भाग लेंगी। इनमें दिल्ली एसजी पाइपर्स, ओडिशा वॉरियर्स, बंगाल टाइगर्स व सूरमा हॉकी क्लब शामिल हैं। इसके लिए मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में तैयारी अंतिम चरण में है। वीमेंस एचआईएल में भाग लेने के लिए टीमें 4 जनवरी से आने लगंेगी। वहीं 5 जनवरी से प्रैक्टिस शुरू हो जाएगी। वीमेंस एचआईएल के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक कल्पना सोरेन शामिल होंगी। इस मौके पर कई कल्चरल कार्यक्रम होंगे, जिसमें जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुित देंगे। बता दें कि एचआईएल के लिए एंट्री नि:शुल्क होगी। लेकिन मैच के लिए ऑनलाइन माध्यम से टिकट लेना होगा। टिकटजिनी की वेबसाइट व ऐप के माध्यम टिकट बुक कर सकेंगे। संचालन समिति के सदस्य भोलानाथ सिंह ने कहा कि रांची में होेने वाले एचआईएल के लिए पूरी तैयारी है। वीमेंस एचआईएल के लिए सभी उत्साहित हैं। 26 जनवरी को होगा वीमेंस एचआईएल का फाइनल मुकाबला कब किसके बीच मुकाबला कहां 12 दिल्ली एसजी पाइपर्स व ओडिशा वॉरियर्स रांची 13 बंगाल टाइगर्स बनाम सूरमा हॉकी क्लब रांची 14 दिल्ली एसजी पाइपर्स बनाम बंगाल टाइगर्स रांची 15 ओडिशा वॉरियर्स बनाम सूरमा हॉकी क्लब रांची 16 बंगाल टाइगर्स बनाम ओडिशा वॉरियर्स रांची 17 दिल्ली एसजी पाइपर्स बनाम सूरमा हॉकी क्लब राउरकेला 19 ओडिशा वॉरियर्स बनाम बंगाल टाइगर्स राउरकेला 20 सूरमा हॉकी क्लब व दिल्ली एसजी पाइपर्स रांची 21 सूरमा हॉकी क्लब बनाम ओडिशा वारियर्स रांची 22 बंगाल टाइगर्स बनाम दिल्ली एसजी पाइपर्स रांची 23 ओडिशा वारियर्स व दिल्ली एसजी पाइपर्स रांची 24 सूरमा हॉकी क्लब बनाम बंगाल टाइगर्स रांची 26 प्रथम रैंक पूल बनाम द्वितीय रैंक पूल रांची मेंस के चार मुकाबले… जो रांची में होंगे मरांग गोमके जयपाल सिंह स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ की सफाई के बाद डाला जा रहा पानी। 18 जनवरी हैदराबाद तुफांस बनाम तमिलनाडु ड्रैगन्स 18 जनवरी गोनासिका बनाम यूपी रुद्राज 22 जनवरी दिल्ली एसजी पाइपर्स व सूरमा हॉकी क्लब 24 जनवरी बंगाल टाइगर्स बनाम वेदांता कलिंगा लांसर्स एस्ट्रोटर्फ की हो रही है सफाई… मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम में साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। इसके तहत गुरुवार को एस्ट्रोटर्फ की सफाई की गई। इसके अलावा लाइट सिस्टम सहित स्टेडियम के अन्य इक्विपमेंट को चेक किया जा रहा है। कमी होने पर उसे ठीक किया जा रहा है।


