एग्रो डेस्क | जालंधर पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी (पीएयू) ने पंजाब के सात जिलों में मार्च 2026 में आयोजित किए जाने वाले किसान मेलों का कार्यक्रम जारी कर दिया। इन मेलों की शुरुआत नागकलां जहांगीर (अमृतसर) से 10 मार्च को एक दिवसीय मेले के साथ की जा रही है। लुधियाना में पीएयू परिसर में 20-21 मार्च को मेला लगेगा। पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने पंजाब और आसपास के राज्यों के किसानों से उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर किसान मेलों को सफल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पीएयू जल कुशल, जलवायु अनुकूल, जल्दी पकने वाली और उच्च उपज देने वाली फसल किस्मों एवं कृषि प्रौद्योगिकियों के विकास तथा परिचय के साथ प्रतिदिन प्रगति कर रहा है, जो कृषि परिदृश्य और किसानों की विरासत को नया रूप देने के साथ-साथ उनके कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि गिरते भूजल और जलवायु परिवर्तन से फसल उत्पादन एवं उत्पादकता को गंभीर खतरा है। उन्होंने किसानों से इन मेलों में भाग लेकर इन चुनौतियों से निपटने के लिए नवीनतम कृषि जानकारी हासिल करने का आग्रह किया। डॉ. गोसल ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ये मेले अधूरे हैं, क्योंकि वे कृषि कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं और कृषि कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा हैं। ये मेले महिलाओं को मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, रसोई बागवानी, संरक्षित खेती, वस्त्र संवर्धन, आंतरिक और बाहरी सजावट, मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों की तैयारी, घरेलू सजावटी सामान बनाने आदि जैसे उन्नत महिला केंद्रित क्षेत्रों से भी अवगत कराएंगे, जिससे वे अपने सामाजिक-आर्थिक परिवेश को मजबूत कर सकेंगी। रंग-बिरंगी सब्जियों से पोषण एवं आर्थिक सुरक्षा : उन्होंने बताया कि फलों में सेब, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी आदि जैसी नई बागवानी फसलों का विकास; सब्जियों में पांच रंगों वाली गाजर और तीन रंगों वाली शिमला मिर्च; फूलों में ऑर्किड, ट्यूलिप, हायसिंथ, आयरिश हॉलैंडिका आदि ने रंग-बिरंगी समृद्ध फसल किस्में प्रदान की हैं। इनसे पोषण, आर्थिक सुरक्षा में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है। स्रोत : डॉ. एमएस भुल्लर, विस्तार शिक्षा निदेशक, पीएयू। 10 मार्च : नागकलां जहांगीर (अमृतसर) 12 मार्च : रौनी (पटियाला) 14 मार्च : बल्लोवाल सौंखड़ी (नवांशहर) 17 मार्च : फरीदकोट 20-21 मार्च : पीएयू, लुधियाना 24 मार्च : बठिंडा 27 मार्च : गुरदासपुर 1. खेतीबाड़ी के लिए मुख्यमंत्री पुरस्कार – पंजाब में खेत फसलों के लिए। 2. बागवानी फसलों के लिए मुख्यमंत्री पुरस्कार – पंजाब में बागवानी फसलों की स्वकाश्तकारी। (ऊपर्युक्त दोनों में 25000 रुपए, सम्मान चिन्ह एवं पत्र)। 3. सीआरआई पंप्स अवॉर्ड (पानी प्रबंधन में उन्नत तकनीक अपनाना) 4. सीआरआई पंप्स अवॉर्ड (खेत में उन्नत मशीनी अपनाना) 5. सीआरआई पंप्स अवॉर्ड (जैविक खेती विधियां अपनाना) (ऊपर्युक्त तीनों में- 10000 रुपए, सम्मान चिन्ह एवं पत्र)। 6. सरदारनी प्रकाश कौर सरां यादगारी पुरस्कार- खेतीबाड़ी/बागवानी/फूलों की खेती या खेती सहायक कारोबार में के लिए। इसमें 5000 रुपए, सम्मान चिन्ह एवं पत्र। 7. जत्थेदार गुरदित्ता साहल यादगारी पुरस्कार- जिसने कम से कम 70% रकबे में बागवानी की। 10000 रु., सम्मान चिन्ह एवं पत्र।


