जालंधर| राज्य के छठी से 12वीं क्लास के विद्यार्थियों को अब नए रूप में विद्यार्थियों को रिपोर्ट कार्ड मिलेंगे। नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग पंजाब ने इसे लेकर राज्य के समूह जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा है कि छठी से 12वीं तक के लिए एनसीईआरटी की ओर से होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड जारी किया गया है। अब सिर्फ नंबर और ग्रेड के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार नहीं होंगे। इस समग्र प्रगति कार्ड का फोकस अब नंबरों की बजाए समग्र विकास पर होगा। इस बदलाव के तहत अब रिपोर्ट कार्ड में बच्चे, शिक्षक, अभिभावक और इसके साथ पढ़ाई करने वाले बच्चों के फीडबैक भी रिपोर्ट कार्ड में शामिल किए जाएंगे। होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड से बच्चे की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ ही शारीरिक व मानसिक स्थिति के बारे में भी आसानी से जानकारी हो सकेगी। वहीं छात्रों के समग्र विकास का आंकलन करने के लिए, पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी और पंजाबी माध्यम में अपर प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी क्लास के विद्यार्थियों के लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड तैयार किया है। इन रिपोर्ट कार्ड को क्यूआर कोड को स्कैन कर डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें सेशन 2024-25 के लिए विद्यार्थियों के सर्वपक्षीय विकास के लिए विभिन्न पैमाने तय किए गए हैं। शैक्षणिक मूल्यांकन के लिए बॉयमंथली टेस्ट टर्म-1 और टर्म-2 के साथ एनुअल परीक्षाओं के मार्क्स, सीसीई, के साथ-साथ ऑब्जर्वेशन के आधार पर विद्यार्थियों में जागरूकता, क्रिएटिविटी और संवेदनशीलता आदि के गुणों का मूल्यांकन भी किया जाएगा। वहीं इसके साथ विद्यार्थी की हाजिरी, सह-पाठ्यक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों और खेल आदि में छात्रों की भागीदारी के बारे में भी जानकारी दी गई है।


