पीकेसी लिंक परियोजना:100% कृषि भूमि सिंचित रकबे में तब्दील करने के लिए प्लान बनेगा

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के तहत प्रदेश में बनने वाले 21 बांध-बैराज में से गुरुवार को कैबिनेट ने 16 प्रोजेक्ट को एक साथ प्रशासकीय स्वीकृति दी। 28 हजार 798 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए अब टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। पीकेसी से जुड़े प्रोजेक्ट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मप्र की 100 फीसदी कृषि जमीन को सिंचित भूमि में तब्दील करने का एक एक्शन प्लान बनाइए। राज्य सरकार अब इस लक्ष्य पर आगे काम करेगी। इससे पहले उज्जैन जिले की चितावत और सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी 2 प्रोजेक्ट के लिए पूर्व में ही 2681.46 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं से 5 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इन परियोजनाओं को मिली मंजूरी धनवाडी वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, नैनागढ़ बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कटीला-पवा वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, श्यामपुर बैराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पार्वती कॉम्प्लेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, जेठला (वैलेंसिंग रिजरवायर) वृहद सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना, कुम्भराज वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, पाडोन वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना (पाडोन-1 एवं पाडोन-2 बैराज), रंजीत सागर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, कालीसिंध कॉम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, लखुंदर काम्पलेक्स वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, बछौड़ा देपालपुर वृहद सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सीकरी सुल्तानपुर मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना, सोनचिरी मध्यम सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं चंबल नहर प्रणाली के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण योजना। सिलावट ने कहा-1865 गांवों की जमीन सिंचित होगी
इन परियोजनाओं को तीव्र गति से मंजूर करने के लिए जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट की अगुआई में मंत्रिमंडल की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन किया गया । सिलावट ने कहा कि गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, इंदौर, देवास आगर मालवा, शाजापुर एवं राजगढ़ के 1865 गांवों की 4.73 लाख हे. जमीन में सिंचाई होगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *