चाईबासा| गुरुवार को पीजे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, चाईबासा में भैया-बहनों को सुवर्ण प्राशन की खुराक देने के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ शिशु वाटिका के क्षेत्रीय प्रमुख मंजू श्रीवास्तव, मंजू पुरती,पार्वती बोयपाई, अमरलाल गुप्ता एवं रामानंद सागर ने भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पित कर किया। मौके पर मंजू श्रीवास्तव ने आज का पहली खुराक कक्षा उदय की बहन राजनंदनी बारी को सुमित्रा बास्के के द्वारा दिया गया। कक्षा अरुण से प्रभात तक के पूर्व निर्धारित अवधि के अनुसार 148 भैया-बहनों को सुवर्ण प्राशन की खुराक दी गई। शिशु वाटिका के क्षेत्रीय प्रमुख ने बताया कि सुवर्ण प्राशन की खुराक याददाश्त वर्धक, वर्ण निखारक ,सुख ,शांति, प्रेम, ज्ञान, शक्ति,भक्ति ,आनंद और भूख बढ़ाने वाला है। यह सुवर्ण प्राशन पूर्णतःआर्युवेदिक रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने वाला खुराक है। इसके विधिवत सेवन से भैया-बहनों के शरीर में किसी प्रकार का रोग नहीं होता है। साथ ही इसकी कोई साइड इफेक्ट नहीं है।


