बीपीएड की फर्जी डिग्रियां बांटकर राजस्थान में पीटीआई भर्ती-2022 में विवादों में आई जेएस यूनिवर्सिटी शिकोहाबाद की मान्यता उत्तर प्रदेश (यूपी) सरकार ने रद्द कर दी। इस भर्ती मेंं बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनके पास जेएस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री थी। पिछले साल जनवरी में शिक्षा विभाग ने फर्जी डिग्रियों के चलते 134 पीटीआई को नौकरी से बर्खास्त किया था। इनमें से 73 के पास जेएस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री थी। एसओजी ने डेढ़ साल पहले शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर कहा था कि इस भर्ती में 1754 अभ्यर्थियों ने फर्जीवाड़ा करके नियुक्ति प्राप्त की है। साथ ही चयन बोर्ड ने भी दस्तावेजों का फिर से सत्यापन किया था। इसमें जेएस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री सबसे अधिक मिली थी। इसके बाद चयन बोर्ड ने यूपी के गृह विभाग को पूरी रिपोर्ट भेजी थी। वर्तमान में शिक्षा विभाग पीटीआई भर्ती-2022 के जरिए नौकरी लगे सभी पीटीआई के दस्तावेजों की फिर से जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद और भी कई फर्जी डिग्रीधारी सामने आ सकते हैं। चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज का कहना है कि 2023 में बीपीएड की फर्जी डिग्रियों की शिकायतें मिली थीं। जेएस यूनिवर्सिटी शिकोहाबाद के खिलाफ भी बड़ी संख्या में शिकायतें थीं। इस आधार पर यूपी गृह विभाग को पूरी रिपोर्ट भेजी थी। अब यूपी सरकार ने जेएस यूनिवर्सिटी मान्यता रद्द कर दी है।


