राजधानी के सबसे ‘वीआईपी चौराहा’ बन चुके वल्लभ भवन चौराहा पर रोड इंजीनियरिंग की 5 बड़ी खामियां उभरकर सामने आई हैं। इस चौराहा पर पहले रोटरी बनाई गई फिर हटाई गई, फिर भी यहां की परेशानी दूर नहीं हुई। आंबेडकर सेतु (जीजी फ्लाईओवर) बनने के बाद यह राजधानी का पहला ऐसा चौराहा बन गया है, जो 12 सड़कों को मिलाता है। इससे यहां वाहनों को गुजारने में और दिक्कतें सामने आ गई हैं। इस परेशानी को कम करने के मकसद से पीडब्ल्यूडी ने करीब 45 मीटर परिधि की अस्थायी बेरिकेडिंग भी की, लेकिन कारगर साबित नहीं हुई। ट्रैफिक जानकारों की मदद से अब ट्रैफिक पुलिस और पीडब्ल्यूडी ने यहां फिर पक्की रोटरी बनाने पर सहमति बनाई है। जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब किसी चौराहे की रोटरी गोल की बजाए अंडाकार बनेगी। ऐसा इसलिए करना पड़ेगा, क्योंकि रोटरी के चारों तरफ 14-14 मीटर जगह देनी होगी। इससे हर सड़क से आने-जाने वाला ट्रैफिक रोटरी के बगल में दी गई 14-14 मीटर जगह से गुजारा जा सकेगा। ये हैं यहां की 5 बड़ी खामियां नई प्लानिंग के 3 बिंदु 1. इस चौराहा पर नई पक्की रोटरी बनाई जाए, जिसके चारों ओर 14-14 मीटर जगह छोड़ी जाएगी। इसी से सभी चौराहों को ट्रैफिक गुजरेगा।
2. हर सड़क के डिवाइडर आगे-पीछे किए जाएंगे, ताकि पूरे चौराहे पर चारों ओर 14-14 मीटर जगह निकाली जा सके। चौराहा बड़ा है, इसलिए रोटरी पूरी तरह गोल नहीं बनेगी।
3. वल्लभ भवन चौराहा की ओर आने वाली सभी 6 सड़कों के लेफ्ट टर्न क्लियर करवाए जाएंगे। इनमें डीबी सिटी मॉल से आने वाली, व्यापमं से आने वाली, शौर्य स्मारक से आने वाली, कोर्ट तिराहे से आने वाली, पीएफ ऑफिस से आने वाली और जीजी फ्लाईओवर से आने वाली सड़कें शामिल हैं।


