भास्कर न्यूज | बेमेतरा जिले की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में तकनीकी और प्रशासनिक अव्यवस्था के चलते फरवरी का राशन वितरण अब तक शुरू नहीं हो सका है। राशन दुकानों की वेबसाइट सिस्टम बंद होने और खाद्यान्न सामग्री का समय पर भंडारण नहीं होने से शहर से लेकर गांव तक के हजारों हितग्राही परेशान हैं। स्थिति यह है कि लोग रोजाना राशन दुकानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने फरवरी माह के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को लगभग 8500 मीट्रिक टन चावल का आवंटन किया है। जिले में शहर से लेकर गांव-गांव तक करीब 460 शासकीय राशन दुकानें संचालित हैं, लेकिन फिलहाल किसी भी दुकान में राशन वितरण शुरू नहीं हो पाया है। वहीं जिले में 292893 राशनकार्ड शामिल हैं। आमतौर पर हर माह के शुरुआती दिनों में ही जिले की राशन दुकानों से चावल, शक्कर और नमक का वितरण शुरू हो जाता था, लेकिन फरवरी माह में अब तक किसी भी दुकान से वितरण नहीं हो पाया है। खाद्य विभाग के अनुसार इस बार शासन द्वारा फरवरी और मार्च, दो माह का राशन एक साथ वितरित करने की योजना बनाई गई थी। इसी कारण वितरण प्रणाली का सिस्टम अपडेट किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका सीधा असर हितग्राहियों पर पड़ रहा है। खाद्य विभाग के अनुसार 30 जनवरी को शासन से बेमेतरा जिले को खाद्यान्न सामग्री, विशेषकर चावल का आवंटन प्राप्त हुआ। इसके बाद नागरिक आपूर्ति निगम ने जिले की राशन दुकानों में भंडारण की प्रक्रिया शुरू की है। राशन दुकान संचालकों का कहना है कि वेबसाइट बंद होने के कारण वितरण प्रणाली पूरी तरह ठप पड़ी है। जब तक ऑनलाइन सिस्टम चालू नहीं होगा, तब तक राशन वितरण संभव नहीं है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जहां महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित दुकानों के संचालकों को भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है कि भंडारण और वितरण कब शुरू होगा। हितग्राहियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। चावल, शक्कर और नमक का भंडारण हो रहा: अलका शुक्ला जिला नागरिक आपूर्ति निगम की अधिकारी अलका शुक्ला ने बताया कि जिले की सभी राशन दुकानों में चावल, शक्कर और नमक का भंडारण तेजी से किया जा रहा है और आगामी एक सप्ताह के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि भंडारण पूर्ण होते ही वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा। इधर जिला खाद्य अधिकारी ओमकार ठाकुर ने बताया कि भंडारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही खाद्यान्न वितरण की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी। फिलहाल राशन दुकानों का सिस्टम अपडेट हो रहा है क्योंकि शासन की मंशा एक साथ दो माह का राशन वितरण करने की थी।


