बीकानेर| पीबीएम हॉस्पिटल में नर्सिंग अधिकारी भर्ती में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शहर एवं देहात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया कि पन्नाधाय प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से पीबीएम अस्पताल में 210 नर्सिंग अधिकारियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं व भ्रष्टाचार सामने आया हैं। भर्ती प्रक्रिया में प्रत्येक उम्मीदवार से एक से ढाई लाख रुपये तक की कथित अवैध वसूली किए जाने के आरोप हैं। इसके बाद संभागीय आयुक्त ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं वार्ता की जिसमें उन्होंने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को संविदाकर्मी भर्ती से सम्बंधित समस्त फाइलें सम्भागीय आयुक्त कार्यालय में तलब की तथा जांच होने तक संविदा नर्सिंग स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश दिये। जांच कमेटी में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त जसवंत सिंह, जिला कोषाधिकारी धीरज जोशी, संभागीय आयुक्त कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी-प्रथम राजकुमार को जांच कमेटी में शामिल किया गया हैं। इस अवसर पर देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता अनिवार्य है। शहर जिलाध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि नर्सिंग भर्ती में यदि पैसें लेकर चयन हो रहा है, तो यह बेहद गंभीर व अन्यायपूर्ण मामला है। पूर्व शहर जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत ने कहा कि भाजपा के बड़े नेताओं की मिलीभगत से संभाग से बाहर की प्लेसमेंट एजेंसी को बुलाकर ठेका दिया गया हैं, साथ ही पीबीएम अस्पताल में बड़ी तादाद में दलालों की फौज तैयार हो गई हैं, पीबीएम के सभी संविदा कार्यों में बड़े घोटाले को अन्जाम दे रहें हैं।


