संभाग के सबसे बड़े प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल परिसर में नई मेडिसिन विंग फरवरी में जनता को समर्पित होगी। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 527 बेड की यह सबसे बड़ी मेडिसिन विंग है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। पीबीएम परिसर में 76 हजार स्क्वायर फीट में चार मंजिला इस बिल्डिंग का निर्माण एरिया 3.10 लाख स्क्वायर फीट है। सरकारी क्षेत्र में ऐसी पहली मेडिसिन विंग है, जिसमें मरीजों के लिए 527 बेड के साथ ही सैनिकों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। बिल्डिंग में 232 आधुनिक टॉयलेट हैं, जिनमें इमरजेंसी बेल भी है। किसी मरीज को अचानक कोई समस्या आए तो वह बेल बजा कर अटेंडेंट बुला सकेंगे। योगा-व्यायाम के लिए 4 हजार स्क्वायर फीट जगह अलग से रखी गई है। पूरी बिल्डिंग को धूम्रपान निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है। गलती से भी किसी व्यक्ति ने बीड़ी या सिगरेट जलाई तो अलार्म बज उठेगा। बिल्डिंग की निगरानी 165 सीसीटीवी कैमरों से होगी। इसके लिए ग्राउंड फ्लोर पर कंट्रोल रूम और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। सीएम मूंधड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट, बीकानेर के अध्यक्ष डीपी पचीसिया ने बताया कि भामाशाह श्रीमती सीएम मूंधड़ा चैरिटेबल ट्रस्ट, मुम्बई के मुख्य ट्रस्टी कन्हैयालाल मूंधड़ा इसी महीने यह विंग जनता को समर्पित करेंगे। चार मंजिला इस बिल्डिंग पर सौ करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं। राज्य सरकार से इसका एमओयू हो चुका है। दरअसल विंग का उद्घाटन इसी महीने सीएम के हाथों होना था। ट्रस्टी हाल ही में सीएम से मिले भी थे। सीएम के व्यस्त होने के कारण अब इसे फरवरी तक टाल दिया गया है। नई मेडिसिन बिल्डिंग में ये सुविधाएं जनरल वार्ड 9, 3आईसीयू 20 बेड, 1 आइसोलेशन वार्ड 9 बेड, सिंगल बेड कॉटेज 39, डबल एंड थ्री बेड कॉटेज 14, 1 कैदी वार्ड 11 बेड, 1 आर्मी वार्ड 9 बेड, डॉक्टर्स चैंबर 8, पानी विद आरओ 16, 232 टॉयलेट, 91 बाथरूम, लेक्चरर थिएटर 150 चेयर, वेटिंग हॉल 600 चेयर, सीसीटीवी कैमरे 165, ऑक्सीजन प्लांट 1, सभी टॉयलेट में इमरजेंसी बेल, आरओ एंड सॉफ्ट वाटर प्लांट, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर सिस्टम इन हाई क्वालिटी, 7 हजार स्क्वायर फीट कैंटीन, चार लिफ्ट, एक्स रे, ईईजी, ईसीजी, योगा व्यायाम के लिए 4 हजार स्क्वायर फीट एरिया, एयर कूलिंग एंड एयर कंडीशनर सिस्टम, साउंड प्रूफ खिड़कियां, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। बिड़ला का मूलमंत्र बना प्रेरणा प्रमुख उद्योगपति स्व. घनश्याम दास बिड़ला का मूल मंत्र था ‘धन का उपयोग दूसरों की सेवा और समाज के कल्याण में करना’। उन्होंने अपने पुत्र को लिखे एक पत्र में समझाया कि धन का उद्देश्य केवल संचय करना नहीं, बल्कि उसका उपयोग देश के अविकसित क्षेत्रों के विकास, तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देने और दीन-दुखियों की सेवा में करना है। बिड़ला का यही मंत्र भामाशाह कन्हैयालाल मूंधड़ा के लिए प्रेरणा बन गया। उन्होंने बताया कि एक दिन पीबीएम हॉस्पिटल गया तो वहां मरीजों को जमीन पर लेटे देखा। तभी मन में एक भवन निर्माण की इच्छा हुई।


