पीरू सिंह बस्ती स्थित किसान कॉलोनी के हनुमान मंदिर में आज भक्ति, शक्ति और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का आज भव्य आगाज हुआ। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक उत्साह को चरम पर पहुँचाया, बल्कि सामाजिक एकजुटता की एक नई मिसाल भी पेश की। कलश यात्रा से हुई मंगल शुरुआत आज रविवार सुबह कार्यक्रम का शुभारंभ कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। मंदिर परिसर से शुरू हुई इस यात्रा में 551 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर शिरकत की। कलश यात्रा के दौरान पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। पुरुषों ने हाथों में भगवा ध्वज लेकर यात्रा की अगवानी की, जिससे पूरी बस्ती भगवामय नजर आई। यज्ञ में दी आहुतियां, धर्म ध्वज के नीचे एकजुट हुआ समाज कलश यात्रा के पश्चात हनुमान मंदिर में विशेष हवन (यज्ञ) का आयोजन किया गया। पंडित प्रांशु दीक्षित के आचार्यत्व में विधि-विधान से आहुतियां डाली गईं। यज्ञ में बस्ती के अनेक जोड़ों ने बैठकर विश्व शांति और राष्ट्र कल्याण की कामना की। इससे पूर्व शनिवार शाम को विशाल वाहन रैली निकालकर धर्म ध्वज की स्थापना की गई थी।
विराट हिंदू सम्मेलन: ‘पंच परिवर्तन’ का आह्वान मंदिर परिसर में आयोजित मुख्य सम्मेलन में वक्ताओं ने हिंदुत्व और सामाजिक सुधार पर जोर दिया। आयोजन समिति के सचिव रामगोपाल शर्मा और कमलकांत शर्मा ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य केंद्र आरएसएस का ‘पंच परिवर्तन’ अभियान है। सामाजिक समरसता: छुआछूत और भेदभाव को मिटाकर पूरे हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोना।
कुटुंब प्रबोधन: परिवारों में संस्कारों को बढ़ावा देना और सभी सदस्यों का साथ बैठकर भोजन व संवाद करना। पर्यावरण संरक्षण: जल संरक्षण, प्लास्टिक का त्याग और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना।
स्वदेशी जीवनशैली: दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना। नागरिक कर्तव्य: समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना और अनुशासन का पालन करना। शताब्दी वर्ष का संकल्प संरक्षक रामचंद्र शर्मा पटोदा और अध्यक्ष विनोद पुजारी ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस तरह के आयोजन पूरे देश में किए जा रहे हैं। पीरू सिंह बस्ती में इस सम्मेलन के माध्यम से युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने और स्वदेशी के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर बस्ती के गणमान्य नागरिक, युवा और बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही। स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा और अतिथियों का स्वागत किया, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवपूर्ण बना रहा।


