पुण्यतिथि पर गीतों के जरिए खुमान साव को दी श्रद्धांजलि

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव छत्तीसगढ़ के प्रख्यात लोक संगीतकार स्व. खुमान लाल साव की छठवीं पुण्यतिथि सोमवार को यहां स्थानीय पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर ऑडिटोरियम परिसर में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और उपस्थित कलाकारों द्वारा ऑडिटोरियम परिसर में स्थापित स्व.खुमान साव की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। तत्पश्चात उपस्थित लोक कलाकारों ने स्व. साव को स्वरांजलि अर्पित की। मितान छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार कल्याण संघ द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर मधुसूदन यादव थे। अध्यक्षता नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर ने कहा कि संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित खुमान साव की पहचान न केवल छत्तीसगढ़ अपितु समूचे हिंदुस्तान में थी। उनका संगीत उत्कृष्ट था। वे प्रचार-प्रसार से दूर रहकर केवल अपना काम करते थे। यादव ने आगामी वर्ष से खुमान साव की याद में हर वर्ष 9 जून को नगर निगम की ओर से कार्यक्रम करने की घोषणा की। नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने कहा कि खुमान साव छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के सशक्त हस्ताक्षर थे। लोक संगीत के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। मैं जिस मुकाम पर हूं, उसका श्रेय साव को: वासनिक सुप्रसिद्ध लोक गायिका कविता वासनिक ने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं उसके पीछे खुमान साव जी का बहुत बड़ा योगदान है। इस अवसर पर खुमान साव से जुड़े लोक कलाकारों ने उनके द्वारा संगीतबद्ध लोकगीतों को प्रस्तुत कर अपनी स्वरांजलि दी। सुप्रसिद्ध लोक गायिका कविता वासनिक ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत कर अपने प्रसिद्ध गीत पता दे जा रे गाड़ी वाला… और महादेव हिरवानी के साथ बखरी के तुमा नार बरोबर मन झूमे रे… गाकर माहौल बनाया। शिवानी जंघेल ने महादेव हिरवानी के साथ गीत गाए।

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