पुरानी गल्ला-मंडी में जगह नहीं मिलने से सब्जी विक्रेता नाराज:कलेक्टर से की शिकायत; प्रशासन ने 83 फल और सब्जी व्यापारियों दिलाई है अस्थाई जगह

शिवपुरी शहर की पुरानी गल्ला मंडी में मंडी बोर्ड द्वारा स्वीकृत ले-आउट के अनुसार थोक सब्जी व फल के मंडी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को अस्थाई रूप से किराये पर देने के लिए भूखंडों का आवंटन लॉटरी पद्धति से मानस भवन में किया गया। बुधवार को करीब 83 थोक सब्जी व फल के व्यापारियों को अस्थाई दुकानों के लिए जगह उपलब्ध कराई गई। इस बीच कई फल-सब्जी व्यापारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए आवंटन की इस प्रक्रिया का विरोध किया और इसकी शिकायत कलेक्टर से दर्ज कराई हैं। जानकारी के मुताबिक, पुरानी गल्ला मंडी में दुकानों के लिए अस्थाई जगह उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सर्वे कराया था। जिन लोगों के पास वैध लाइसेंस के साथ थोक सब्जी व फल का व्यवसाय लंबे समय से करते आ रहे थे साथ ही नियमित रूप से टैक्स जमा किया जा रहा था। उन लोगों के दुकान लगाने के लिए अस्थाई जगह उपलब्ध प्रशासन के द्वारा कराई गई हैं। आज 73 सब्जी व्यापारी और 10 फ्रूट व्यापारियों को अस्थाई दुकान लगाने के लिए पुरानी गल्ला मंडी में जगह उपलब्ध कराई गई है। सब्जी व फल के कई व्यापारियों ने जताई नाराजगी अस्थाई दुकानों के लिए जगह आवंटन की प्रक्रिया का कई व्यापारियों ने विरोध भी किया हैं। उनका कहना हैं कि कई सालों से जो व्यापारी मंडी में सब्जी फल का व्यापार करते हुए आ रहे हैं। उनके पास वैध लाइसेंस और ऑनलाइन टैक्स की रसीदें हैं। इसके बावजूद उन्हें जगह उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। प्रशासन के द्वारा ऐसे लोगों को दुकानों के लिए जगह उपलब्ध करा दी गई हैं। जो सब्जी-फल का व्यापार नहीं करते हैं। इनमें से कुछ लोग ऐसे भी है जो हाथ ठेला लगाकर व्यापार करते हैं। जबकि मूल सब्जी-फल व्यापारियों को जगह उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। बता दें कई सब्जी और फल व्यापारियों ने इसकी शिकायत कलेक्टर से भी दर्ज कराई है। जो छूटे उन्हें भी उपलब्ध कराई जायेगी जगह इस मामले एसडीएम उमेश कौरव का कहना हैं कि मूल सब्जी और फ्रूट मंडी पिपरसमा मंडी में प्रस्तावित हैं, लेकिन दूरी होने की वजह से और शहर को व्यवस्थित करने के लिए दो से तीन सालों में शहर की पुरानी गल्ला मंडी में मंडी बोर्ड द्वारा स्वीकृत ले-आउट के अनुसार थोक सब्जी तथा फल के मंडी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को अस्थाई रूप से किराये पर देने के लिए भूखंड का आवंटन लॉटरी से किया गया हैं। जिन व्यापारियों के नाम छूटे हैं और उनके पास वैध लाइसेंस और पूरे टैक्स भरे हुए हैं। उन्हें भी दूसरे चरण में जगह उपलब्ध कराई जायेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *