^सराफा बाजार के ज्वेलर्स भूपिंदर सिंह ने बताया कि हॉलमार्क लागू होने से पहले ज्वेलरी 22 या 20 कैरेट के हिसाब से बिकती थी, लेकिन अब सोने में मिलावट का प्रतिशत बढ़ चुका है। पहले लोग यह नहीं जान पाते थे कि उनकी ज्वेलरी का क्या मूल्य है, लेकिन अब लोग पुरानी गोल्ड ज्वेलरी का मूल्य जानकर ही उसे बेचने का फैसला कर रहे हैं। 10 में से 8 लोग अब कीमत जानकर ही अपने गहनों को बेचने का निर्णय लेते हैं। उन्होंने बताया की पुराने समय नानी दादी के गोल्ड के रानी हार और सेट आ रहे है जिनमें टांके ज्यादा होने की वजह से 10 प्रतिशत 400 रुपये प्रति मिली ग्राम से काटा जा रहा है । गिल रोड के ज्वेलर्स तनवीर सिंह के मुताबिक सोने की कीमत 88 हजार प्रति 10 ग्राम पार हो जाने के बाद से हर दिन लगभग 5 किलो पुरानी गोल्ड ज्वेलरी गलाने के लिए आ रही है। जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा सिर्फ 2 से 2.5 किलो तक होता था। इससे साफ जाहिर होता है कि लोग अपनी पुरानी ज्वैलरी को सोने की बढ़ती कीमतों से मुनाफा कमाने के लिए बेच रहे हैं। एक दिलचस्प तथ्य ये है कि 5 से 25 साल पुरानी ज्वैलरी से सोना 70 से 80% ही निकल पा रहा है। इसका कारण यह है कि 22 कैरेट सोने में 2 कैरेट अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं, जबकि डायमंड ज्वेलरी 14 से 18 कैरेट सोने की बनी होती है। इसका असर ये है कि पुरानी ज्वेलरी से अपेक्षाकृत कम सोना मिलता है। ज्वेलरी बाजार में अब एंटीक ज्वेलरी की मांग भी बढ़ गई है, जिसमें मोती और जर्कन लगे होते हैं। इस प्रकार की ज्वेलरी में सोने की कीमत कम पड़ती है और सोना भरवां लगता है। पुराने सोने में अधिक टांके होते थे, जिसमें लगभग 60% सोना होता था। जबकि अब हॉलमार्क वाले सोने का उपयोग बढ़ गया है। अब जोड़ा हुआ सोना भी सोने का ही होता है, जबकि पहले चांदी और तांबे का मिश्रण किया जाता था। ^सराफा बाजार के प्रधान प्रिंस बब्बर ने बताया कि दुकानदारों को नुकसान हो रहा है। इस बीच, गोल्ड बार की मांग विदेशों से बढ़ने के कारण 50 और 100 ग्राम के गोल्ड बार की किल्लत भी हो गई है। गोल्ड बार लोकल रिफाइनरीयां बनाती हैं, जबकि कुछ मात्रा में आयातित गोल्ड बार भी बिकते हैं। लेकिन, अब चीन और रूस से आयातित गोल्ड बार की सप्लाई लगभग समाप्त हो गई है। वहीं, रिफाइनिंग प्रक्रिया में सोने को पिघलाते समय 10 से 20 मिलीग्राम कम हो जाता है, जिसका असर सोने की कीमत पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा की पहले लोग सोने में इन्वेस्ट करते थे मगर अब के युवा मोबाइल और महंगी गाड़ियों में पैसा लगा रहे है। उन्होंने कहा इस समय दुकानों में सोना रखना भी मुश्किल हो गया है। शहर में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है जिस वजह से लोग सोना कम पहन रहे हैं। भास्कर न्यूज |लुधियाना सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने ज्वेलरी बाजार में उथल-पुथल मचा रखी है। पिछले 25 दिन से सोने की कीमतों में तेजी के कारण जहां नई गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री में 25% तक की गिरावट आई है, वहीं पुराने सोने की ज्वेलरी की बिक्री में 250% तक का इज़ाफा देखा गया है। लोग अब अपने घरों में सालों से रखे पुराने और अनुपयोगी गहनों को बेचकर मुनाफा कमाने में लगे हुए हैं। ज्वेलर्स और व्यापारी इस स्थिति से परेशान हैं। एंटीक ज्वैलरी की मांग में भी तेजी आई है, जिससे बाजार की दिशा में बदलाव देखा जा रहा है।


