जयपुर | अनुदानित शिक्षण संस्थाओं के शिक्षा कर्मियों को राजकीय सेवा में समायोजन के बाद पहली बार अनुदानित संस्था की नियुक्ति को प्रथम नियुक्ति मानकर पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने की कवायद प्रारंभ की गई है। वित्त विभाग के निर्देश पर कॉलेज शिक्षा, स्कूल शिक्षा, संस्कृत शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इस मामले को लेकर राजस्थान सेवानिवृत समायोजित शिक्षक-कर्मचारी ने नेहरू बाल उद्यान में बैठक का आयोजन किया। मंच के मुख्य संचालक विजय उपाध्याय ने कहा कि राजस्थान स्वेच्छया ग्रामीण सेवा नियम 2010 के अन्तर्गत समायोजित शिक्षा कर्मियों को उनकी नियुक्ति तिथि से “पुरानी पेंशन” दिए जाने को लेकर कार्रवाई जारी है। बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान यह भी बताया कि 2011 में लगभग 8000 समायोजित शिक्षा कर्मियों को अनुदानित संस्था से सरकारी सेवा में समायोजित किया गया था। इनको अप्रैल 2022 से ओपीएस मिलना प्रारम्भ हुई है लेकिन इसमें से लगभग 3500 शिक्षा कर्मी सरकारी सेवा में 10 वर्ष पूर्ण न करने के कारण ओपीएस से वंचित है। बैठक में अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।


