झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एस.एन. प्रसाद की अदालत में पुरानी जेल के जीर्णोद्धार में वित्तीय अनियमितता को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निचली अदालत से संबंधित सभी दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई की तिथि 25 जुलाई निर्धारित की गई है। यह याचिका आनंद कुमार की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पुरानी जेल के मरम्मत कार्य में लगभग 100 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी की गई है। इसको लेकर उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव समेत संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने निचली अदालत में शिकायतवाद दायर करते हुए मुख्य सचिव समेत अन्य को प्रतिवादी बनाया, लेकिन एसीबी अदालत ने मामले को तथ्यों की समुचित जांच के बिना खारिज कर दिया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट नाराजगी जताते हुए कहा कि उचित निर्णय के लिए सभी दस्तावेजों को प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यह मामला सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है और न्यायिक व प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है।


