सावन शुरू होते ही रांची शहर शिवभक्ति में डूब गया है। 14 जुलाई को सावन की पहली सोमवारी है। जगह-जगह बोलबम की गूंज से शहर भक्तिमय हो गया है। शिवालयों में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पहली सोमवारी को लेकर सभी शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वर्णरेखा नदी तट को साफ-सुथरा किया गया है, जहां से हजारों कांवरिया जल उठाएंगे। शनि मंदिर, लोवाडीह चौक समेत कई स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। स्वर्णरेखा नदी परिसर में 10 टैंकर जल की व्यवस्था की गई है, जिसमें सुल्तानगंज से मंगाया गया गंगाजल मिलाया जाएगा। स्टेन रोज क्लब द्वारा कांवरियों के लिए नाश्ता, चाय, पानी व दातून की व्यवस्था की गई है। मेडिकल शिविर लगाया जाएगा। पार्किंग व लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है। पहाड़ी मंदिर के लिए दो मुख्य मार्गों से कांवरिया स्वर्णरेखा नदी से जल लेकर निकलते हैं। एक स्वर्णरेखा नदी से होते हुए कांटाटोली, फिरायालाल, अपर बाजार होते हुए पहाड़ी मंदिर पहुंचते हैं। दूसरा स्वर्णरेखा नदी होते हुए चुटिया राम मंदिर, बहुबाजार, चर्च रोड़, संकटमोचन मंदिर, फिरायालाल, अपर बाजार होते हुए पहाड़ी मंदिर पहुंचेंगे। यहां से आंगराबाड़ी खूंटी भी जाते हैं। कांवरिया रविवार की रात 2 बजे पहाड़ी मंदिर पहुंचकर सरकारी पूजा के बाद बाबा को जल अर्पित करेंगे। पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार पर कई समितियां कांवरियों के स्वागत में तैनात रहेंगी। गाड़ीखाना के पास फैयाज वारसी 40 सालों से स्वागत शिविर लगा रहे हैं। कांवरियों पर पुष्प वर्षा करते हैं। सद््भावना समिति की ओर से कांटाटोली में स्वागत शिविर लगाया जाएगा। कांवरियों के लिए स्वागत शिविर अग्रवाल युवा सभा फिरायालाल बस स्टैंड के पास स्वागत शिविर लगाएगी। प्रवक्ता सौरभ बजाज ने बताया कि बाबा धाम के लिए यहीं से बस की सुविधा होती है। शिविर में चाय, बिस्कूट, पानी व नाश्ता की व्यवस्था होती है। बाबा के भजनों पर सभी झूमते रहते हैं। इस रविवार संस्था आम्ररेश्वर धाम में कावरियों के लिए 2 प्याऊ का उद्धाटन करेगी और भक्तों में खीर का भोग वितरण करेंगे। अगले रविवार से बस स्टैंड के पास शिविर लगाया जाएगा। इसके बाद वहीं पर मारवाड़ी युवा मंच द्वारा शिविर लगाया जाएगा। प्राचीन श्रीराम मंदिर में बने हॉल में कांवरिया करते हैं विश्राम प्राचीन श्रीराम मंदिर में बने हॉल में कांवरियों के लिए व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के सदस्य विजय कुमार साहु ने बताया कि कांवरिया रविवार रात 10 बजे पहुंच जाते हैं तो वहीं, विश्राम करते हैं। इसके बाद शिव मंदिर में विशेष पूजन के साथ रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सभी स्वर्णरेखा के लिए निकलते हैं। कांवरियों को रात में समस्या न हो इसलिए जेनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही कांवरियों को दातून, दूध, बेलपत्र व अन्य पूजन सामग्री देते हैं। शिव मंदिर हिनू में मत्था टेकते हैं, फिर आगे बढ़ते हैं कांवरिये हिनू शिव मंदिर के पास कांवरियों के लिए सावन में हर रविवार को शिविर लगाया जाएगा। इसमें चाय की व्यवस्था होती है। रात 9 बजे से कांवरियों का आगमन शुरू हो जाता है। मंदिर के पुजारी राजेश्वर तिवारी ने कहा कि सिंहमोड़, हटिया, बिरसाचौक व आसपास के अन्य क्षेत्र के कांवरिया पहले यहां मत्था टेकते हैं, फिर आगे बढ़ते हैं। मंदिर के धर्मशाला में उनके लिए विश्राम की व्यवस्था है। बाबा धाम जाने वाले कांवरिया दिन में आते हैं। सफल संचालन में समिति गोपाल थापा, गुड्डू मिश्रा, उदय झा, सुरेश अग्रवाल, मुना अग्रवाल व अन्य योगदान दे रहे हैं। सावन की पहली सोमवारी कल }पहाड़ी मंदिर समेत सभी शिवालय धजकर तैयार, कांवरियों का स्वागत करेंगी संस्थाएं रेलवे स्टेशन श्री बगला शिव हनुमान मंदिर में रविवार को शिविर लगाया जाएगा। अध्यक्ष मुनचुन राय ने बताया कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी कांवरियों का स्वागत किया जाएगा। उनके लिए चाय, बिस्कूट और पानी की व्यवस्था होती है। चारों सोमवारी से पहले रविवार को कांवरियों का स्वागत किया जाता है। श्री बगला शिव हनुमान मंदिर में कांवरियों का होगा स्वागत


