पुराने समझौते लागू नहीं होने पर आंदोलन करेंगी आंगनबाड़ी सेविकाएं-सहायिकाएं

पॉलिटिकल रिपोर्टर|रांची झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि िपछले वर्ष हड़ताल समाप्त होने के पहले किए गए समझौते को जल्द से जल्द लागू किया जाए। संघ की केद्रीय समिति की हुई बैठक में संघ के प्रधान संरक्षक सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार किसी भी पार्टी की रहे, कामगारों को अपनी मांगों की पूर्ति के लिए संघर्ष जारी रखना होगा। बैठक में प्रदेश महासचिव राखी देवी ने विस्तार से सांगठनिक प्रस्तावों को रखा। बैठक में संघ के विगत आंदोलन की समीक्षा कर संघ की लंबित मांगों की पूर्ति के लिए भावी आंदोलन की रूप रेखा तय की गई। बैठक में आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन दिए जाने के सरकार के फैसले को स्वागत किया गया। लेकिन इसके साथ ही यह भी कहा गया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं की सामाजिक सुरक्षा पर भी सरका ध्यान दे। राज्य सरकार से मांग की गई कि वर्तमान में राज्य कर्मियों के हित में स्टेट बैंक में वेतन खाता धारी राज्य कर्मियों को देय बीमा एवं अन्य सुविधाओं वाली योजना में राज्य के आंगनबाड़ी कर्मियों सहित सभी संविदा, अनुबंध कर्मचारियों को भी शामिल करने के लिए स्पष्ट संशोधित संकल्प जारी किया जाए। वक्ताओं ने कहा िक राज्य सरकार झारखंड में महिला सम्मान की बेहतर शुरुआत आंगनबाड़ी केंद्र से करे। इस योजना के कामकाजी महिलाओं को सरकार महिला पर्यवेक्षकों की बहाली में उम्र सीमा एवं विषय अनिवार्यता की छूट,जीवन यापन योग्य मानदेय के साथ पेंशन और एक मुश्त सेवानिवृत्ति का लाभ दिया जाए। यह भी कहा गया कि झारखंड के ज़िलों में आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय, पोषाहार, मकान किराया, प्रोत्साहन राशि के भुगतान में बड़ी विषमताएं हैं, जिसे दूर कर एकरूपता के साथ लागू किया जाए। बैठक में राज्य के सभी आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका को फिर से अपनी पुरानी मांगों की पूर्ति के लिए चरणबद्ध आंदोलन के लिए तैयार होने का आह्वान किया गया । बैठक में कहा गया कि आंगनबाड़ी सेविका, सहायिकाएं कई तरह की योजनाओं पर काम कर रही हैं। उनसे हर क्षेत्र में काम लिया जा रहा है। लेकिन इन पर सरकार का ध्यान नहीं है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष माला देवी की की।

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