सरकार और बैंक के बीच एमओयू जल्द, पूरा खर्च भी एसबीआई उठाएगा
झारखंड के सरकारी कर्मचारियों की नौकरी के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी। पहले यह योजना सिर्फ पुलिसकर्मियों के लिए ही थी। एक करोड़ की दुर्घटना बीमा की सहायता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से मिलेगी। जिन कर्मचारियों का सैलरी अकाउंट एसबीआई में है, उनको ही योजना का लाभ मिलेगा। जिनका सैलरी अकाउंट एसबीआई में नहीं हैं, उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए अकाउंट खोलना जरूरी होगा। एसबीआई के डीजीएम ने राज्य के वित्त सचिव को पिछले सप्ताह योजना का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव से पहले बैंक और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। योजना को लागू करने की प्रक्रिया पर वित्त विभाग मंथन कर रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद राज्य सरकार और बैंक के बीच एमओयू होगा। सूत्रों का कहना है कि स्कीम जल्द ही लागू होगी। इसे लागू करने से राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं बढ़ेगा। क्योंकि, बैंक अपनी ओर से यह सहायता दे रहा है। एक लाख से अधिक कर्मियों को मिलेगा इसका लाभ स्कीम लागू होने पर एक लाख से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। राज्य के अधिकांश कर्मचारियों-अधिकारियों का सैलरी अकाउंट एसबीआई में ही है। राज्य के अधिकांश ट्रेजरी भी एसबीआई से ही जुड़े हैं। फिलहाल करीब एक लाख 75 हजार राज्य कर्मी हैं। इनमें करीब 70 हजार पुलिसकर्मी हैं। पुलिसकर्मियों के लिए सितंबर 2024 से इस तरह की योजना लागू है। इसी पैटर्न पर अब एक लाख से अधिक अन्य राज्य कर्मी को लाभ देने की तैयारी है। बैंक ऑफ इंडिया ने भी पुलिस के लिए शुरू की है योजना: झारखंड पुलिस और बैंक ऑफ इंडिया के बीच दिसंबर 2024 में रक्षक सैलरी पैकेज के लिए एमओयू हुआ है। बैंक ऑफ इंडिया से भी इस विशेष सैलरी पैकेज के तहत पुलिसकर्मियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। बैंक शाखाओं के माध्यम से पुलिस सेवा में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु बीमा का लाभ मिलेगा। जानिए… किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ: योजना के लागू होने की घोषणा के बाद हर उस राज्य कर्मी को इस बीमा योजना कवर मिलेगा, जिनका सैलरी अकाउंट एसबीआई में है। अगर किसी कर्मी की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को एसबीआई एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देगा। यह केवल राज्यकर्मी के लिए ही होगा। परिजनों के लिए नहीं।


