बिलासपुर में पुलिसवालों ने दबंगई दिखाते हुए आइसक्रीम वाले की सरेराह जमकर पिटाई कर दी। इसका वीडियो बनाने वाले युवक और उसकी पत्नी को भी पुलिसवालों ने दबोच लिया और उनके साथ मारपीट की। अब मामला सामने आने पर SSP रजनेश सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं। लेकिन, सिटी कोतवाली CSP व IPS अक्षय साबद्रा ने जांच से पहले ही युवक को नशेड़ी बता कर पुलिसवालों का बचाव किया है। हालांकि, उन्होंने तथ्यों के आधार पर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। दैनिकभास्कर डिजिटल ने रविवार को आइसक्रीम वाले की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर खबर प्रसारित किया। इसमें बताया गया कि 9 मई की रात आरक्षक टंकेश साहू और एक अन्य पुलिसकर्मी पेट्रोलिंग पर निकले थे। तभी रात में आईसक्रीम ठेला लेकर अपने घर जा रहे युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। इस दौरान उसका बाल पकड़कर पुलिसकर्मियों ने जमकर पिटाई कर दी। वीडियो बनाने पर की मारपीट, रात भर हवालात में किया बंद
इस दौरान सरकंडा निवासी बर्तन व्यावसायी राहुल सोनी अपनी पत्नी मीना सोनी को लेकर खाना खाने के बाद लौट रहा था। उसकी शादी की सालगिरह थी। उसने गरीब आइसक्रीम वाले की पिटाई करते देख पुलिसवालों का वीडियो बना लिया। जिसे देखकर पुलिसकर्मियों ने उसे और उसकी पत्नी को पकड़ लिया और राहुल की जमकर पिटाई करने लगे। बीच-बचाव करने पर उन्होंने उसकी पत्नी मीना सोनी से भी धक्का-मुक्की की। जिसके बाद राहुल को थाने ले गए और वहां भी डंडे और पट्टे से पिटाई की, जिससे राहुल को चोंटें आई है। शनिवार को राहुल के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां उसे जमानत पर छोड़ा गया। CSP ने कहा- नशे में लग रहा था युवक, समझाइश देने पर किया विवाद
इधर, IPS व सिटी कोतवाली CSP अक्षय साबद्रा ने कहा कि रात करीब एक बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि रिवर व्यू इलाके में कुछ लोग हुड़दंग और नशाखोरी कर रहे हैं। इस पर पेट्रोलिंग पार्टी मौके पर पहुंची। वहां एक कुल्फी वाला भीड़ लगाकर कुल्फी बेच रहा था, जिसे पहले भी देर रात कुल्फी न बेचने की हिदायत दी गई थी। पुलिसकर्मी कुल्फी वाले को समझाइश दे रहे थे। तभी एक व्यक्ति शराब के नशे में आकर पुलिस से विवाद करने लगा। पुलिस के मुताबिक जब उसे घर जाने को कहा गया, तो वह उलझ पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे और कुल्फी वाले को थाने लाकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। CSP के मुताबिक युवक नशे की हालत में आरक्षकों से विवाद कर रहा था। लेकिन, बिना मेडिकल जांच के उसे सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर दिया। पीड़ित ने कहा-शराब नहीं पी, परिवार साथ था
पीड़ित राहुल सोनी का कहना है कि वह शराब नहीं पीता और घटना की रात वह अपनी पत्नी मीना और रिश्तेदार जितेंद्र सोनी के साथ कुल्फी खाने गया था। रात लगभग 11.30 बजे कुल्फी खरीदी थी और उसी समय विवाद हुआ। जबकि पुलिस इसे रात एक बजे की घटना बता रही है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो डिलीट, आईफोन से हुआ रिकवर
घटना के समय आरक्षकों ने राहुल, उसकी पत्नी मीना और जितेंद्र का मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। मीना का मोबाइल घटनास्थल पर गिर गया था, जिसे पुलिस छोड़कर चली गई। जमानत मिलने के बाद तीनों के मोबाइल को फिर से पुलिस थाने लेकर गई, चार्ज करने के बाद वीडियो डिलीट कर दिया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वीडियो आईफोन में था, इसलिए उसे रिकवर किया जा सका। बिना मेडिकल के बताया नशेड़ी, पुलिसवालों को बचाने का आरोप
राहुल सोनी ने कहा कि अगर वह नशे में था तो पुलिसकर्मियों को उसका मेडिकल कराना था। लेकिन, उसका मेडिकल ही नहीं कराया गया है। अगर मेडिकल कराते तो चोंट के निशान भी आ आते। उसने बताया कि पुलिस ने बिना मेडिकल कराए ही सीधे सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों को बचाने अब उसे नशेड़ी बताया जा रहा है।


