हनुमानगढ़ में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस ऑटो और ई-रिक्शा ड्राइवरों के दस्तावेज जमा करेगी। जांच के बाद पात्र ड्राइवरों को पहचान पत्र (आई-कार्ड) जारी किए जाएंगे। इससे अधिकृत ड्राइवरों का रिकॉर्ड तैयार होगा और अवैध संचालन पर रोक लगेगी। ट्रैफिक थाना प्रभारी अनिल चिंदा ने बताया कि इस प्रक्रिया का पहला चरण 26 जनवरी से पहले पूरा किया जाएगा, जिसमें आई-कार्ड बनाए जाएंगे। दूसरा चरण 25 फरवरी तक चलेगा। 1 मार्च से सभी ऑटो और ई-रिक्शा ड्राइवरों का पंजीकरण अनिवार्य हो जाएगा। इस पहल के संबंध में ट्रैफिक पुलिस थाना में एक जागरूकता कार्यशाला भी आयोजित की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए यातायात थानाधिकारी अनिल चिंदा ने कहा कि ऑटो व ई-रिक्शा ड्राइवर केवल वाहन नहीं चलाते, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उन्होंने ड्राइवरों को लापरवाही के गंभीर परिणामों के प्रति आगाह किया। थानाधिकारी ने बताया कि कई ड्राइवर बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, पंजीकरण और प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहन चला रहे हैं, जो कानूनन अपराध है और दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। उन्होंने सभी ड्राइवरों को अपने वाहन से संबंधित सभी दस्तावेज सदैव पूर्ण रखने और जांच के समय प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। चिंदा ने यह भी चेतावनी दी कि चालक सीट पर अतिरिक्त सवारी बैठाना या क्षमता से अधिक सवारियां ढोना दुर्घटना की आशंका को बढ़ाता है, जिससे सख्ती से बचना होगा। कार्यशाला के अंत में ड्राइवरों से अपील की गई कि वे समय रहते अपने कागजात जमा कर आई-कार्ड बनवाएं, अन्यथा नियमों की अनदेखी करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


