शहर में संचालित क्लब, कैफे व रेस्टोरेंट जो हुक्का-बार चलाते हैं और बार-बार चलाते है। ऐसे में 49 क्लब-कैफे का लाइसेंस निरस्त करने के लिए पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने निगम आयुक्त को पत्र लिखा। पत्र में क्लब-कैफे की सूची और उनके खिलाफ की कार्रवाई की जानकारी भी दी है। ज्यादातर क्लब ऐसे हैं, जो कार्रवाई के बाद फिर हुक्का-बार शुरू कर देते हैं। क्योंकि कोटपा एक्ट के तहत पुलिस सिर्फ जुर्माना कार्रवाई कर सकती हैं और मौके पर ही जमानत मिल जाती है। ऐसे में अब निगम को लाइसेंस निरस्त करने के लिए पत्र लिखा है। इनको लाइसेंस निगम द्वारा दिया जाता है। जिसमें हुक्का-बार नहीं चलाते की शर्त भी लिखी होती है। नॉर्थ जिले के ब्लैक हॉट रेस्टोरेंट व हाइवे डायरी रेस्टोरेंट का नाम भेजा हैं, जिनके खिलाफ 4 बार कार्रवाई की जा चुकी।प्रदेश में हुक्का-बार पर प्रतिबंध होने के बाद राजधानी में संचालित कुछ क्लबों के संचालक हुक्का-बार चलाते है। पुलिस कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई करती हैं, जो केवल जुर्माना तक सीमित है। ऐसे में कार्रवाई होने के बावजूद संचालक इनमें फिर हुक्का-बार शुरू करवा लेते हैं, जबकि लाइसेंस में शर्त हैं कि आप हुक्का-बार नहीं चलाएंगे, इसलिए इनको बंद कराने के लिए निगम को लिखा है। -सचिन मित्तल, पुलिस कमिश्नर, जयपुर


